डुमरियागंज। खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के लिए 15 गांवों में अधिग्रहण की धारा 20एफ की कार्रवाई पूरी हो चुकी है और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं, अन्य 15 गांवों में 30 नवंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डुमरियागंज तहसील में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। तहसील के 46 गांवों की जमीन परियोजना के दायरे में है। इनमें
पूर्वोत्तर रेलवे और जिला प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। आठ अक्तूबर को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया था कि डुमरियागंज के 46 गांवों में भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। इनमें 15 गांवों में धारा 20एफ की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अन्य 15 गांवों में निर्धारित समयसीमा तक कार्रवाई पूरी करने और शेष 16 गांवों में धारा 20ई की प्रक्रिया रेलवे की ओर से पूरी की जानी है।
इसी क्रम में पांच अक्तूबर को डुमरियागंज तहसील के 15 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 20ई की अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने की जानकारी सामने आई थी।
इसमें सेमुवाडीह, बनगवा और एकघरवा समेत 15 गांव शामिल हैं। प्रभावित खातेदारों को 12 से 17 अक्तूबर तक अपने दावे प्रस्तुत करने का मौका दिया गया था।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक डॉ. ज्ञान प्रकाश ने भी अधिग्रहण क्षेत्र के गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर किसानों से बातचीत की थी। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया था कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
प्रभावित किसानों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
करीब 240.66 किलोमीटर लंबी खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना पूरी होने से संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के लोगों को रेल नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
परियोजना के पहले चरण में बांसी तहसील के करमा से गौरी तक करीब 54 किलोमीटर रेलखंड के लिए 82.81 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। इस हिस्से में मिट्टी पटाई और स्टेशन निर्माण का काम भी चल रहा है।