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Siddharthnagar News: बदलते मौसम में बच्चों बीमार, बुजुर्ग भी श्वसन संबंधी समस्या का शिकार

Tue, 28 Oct 2025 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के साथ सीएचसी सिरसिया में इलाज के लिए लगी मरीजों की भीड़
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सिद्धार्थनगर/भनवापुर। मौसम में बदलाव का असर अब बच्चों और बुजुर्गों पर दिखने लगा है। लगातार उतार चढ़ाव के कारण बुखार, जुकाम और खांसी से ग्रसित हो रहे हैं। वहीं बुजुर्ग पर भी इसका असर है और उन्हें सांस लेने में तकलीफ के साथ अन्य बीमारियां भी चपेट में ले रहीं हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसमें पैरा सिटामॉल के साथ कफ सिरप की डिमांड तेजी से बढ़ी है। डॉक्टर बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने के साथ ही ठंडी चीजें और बासी भोजन नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन डाॅ. सीबी चौधरी के कक्ष में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे थे। इसमें सर्दी जुकाम से पीड़ित थे। इसमें अधिक बुजुर्ग थे या फिर जिन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, वह बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टर उन्हें गुनगुना पानी पीने, सुबह शाम गर्म कपड़ा पहनने की सलाह देने के साथ ही दवा भी दे रहे हैं। इसी प्रकार बालरोग विभाग में बुखार और जुकाम के साथ गले में जकड़न और सांस में तकलीफ की समस्या से ग्रसित बच्चे पहुंचे थे, जिन्हें गर्म कपड़े पहनाने, बीमार होने पर डॉक्टरों की सलाह लेने पर दवा लेने के लिए कहा जा रहा है। डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण मरीजों यह समस्या आ रही है। दवा के साथ बचाव करने की सलाह दी जा रही है।
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वहीं, सिरसिया सीएचसी को देखा गया, जहां पर बच्चों की संख्या अधिक थी। बदलते मौसम के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार की समस्या बढ़ गई है। पहले जहां इलाज के लिए प्रतिदिन बड़े बुजुर्गों में यह परेशानी बढ़ी थी, वहीं अब इस बीमारी के शिकार बच्चे भी हो रहे हैं। सोमवार को सीएचसी सिरसिया में करीब 20 बच्चों का इलाज उपस्थित डॉ. एलबी यादव की ओर से किया गया। डॉ. एलबी यादव ने बताया कि जहां पहले एक दो बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार के आते थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ कर करीब 15 से 20 हो गई है। बदलते मौसम के कारण और परिजनों की ओर से छह माह से पांच साल तक के बच्चों का देखरेख के अभाव में समस्या बढ़ी है।
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डॉ. एलबी यादव ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं व संसाधन उपलब्ध है, जिन्हें जरूरत के हिसाब से इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस समय सुबह व शाम में ठंड बढ़ जाती है। इस दौरान परिजन बच्चों का ध्यान नहीं दे पाते हैं। सुबह व शाम के समय बच्चों को ठंड से बचाने की जरूरत है। बाहर निकलते समय बच्चे को अच्छी तरह ढककर निकले। ठंड हवा ना लगने पाए। साथ ही मच्छरों से बचाव भी जरूरी है।
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