भनवापुर क्षेत्र के सेमरा बनकसिया में लंपी बीमारी से पीड़ित गोवंशीय। संवाद
भनवापुर। स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र में एक बार फिर से लंपी ने पांव पसार लिया है। इसकी चपेट में आकर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गोवंशीय बीमार हो गए हैं। इससे पशु पालकों में दहशत है। वहीं पशुपालन विभाग भी बेबस और लाचार नजर आ रहा है। लंपी जैसे संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए पशुओं में लगने वाली वैक्सीन भी सीमित मात्रा में उपलब्ध कराई गई है जो ब्लाॅक क्षेत्र के गोशालाओं के लिए भी नाकाफी है। ऐसे में पशुपालक निजी पशु चिकित्सकों का सहारा लेकर अपने गोवंशीय को सुरक्षित करने में जुटे हैं। हालांकि कि अभी ब्लाॅक क्षेत्र में किसी भी गोवंशीय को लंपी से मौत की सूचना नहीं है।
वर्ष 2023 के बाद दूसरी बार ब्लाॅक क्षेत्र में फेल रही लंपी की चपेट में क्षेत्र के सेमरा बनकसिया, कठौतिया राम, चिताही, हिजुरा, मंगराव आदि गांवों के करीब एक दर्जन से अधिक गोवंश लंपी से पीड़ित हैं। भनवापुर पशु अस्पताल पर इलाज व सुविधाओं के अभाव में पशुपालक अपने पशुओं का इलाज प्राइवेट पशु चिकित्सकों से कराने को मजबूर हैं।
पशुपालकों का कहना है कि लंपी से अपने पशुओं को बचाने के लिए नीम की पत्तियों को उबालकर नहलाते हैं। गिलोय, लौंग, लहसुन आदि का लेप बनाकर पशुओं के शरीर पर हुए चकत्ते व घाव पर लगाते हैं और इसी का गुड़ डालकर काढ़ा पिलाकर पशुओं को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।