सिद्धार्थनगर। बरसात में अधूरे पड़े नालों के कारण होने वाले जलभराव से जूझने वाले शहरियों को अब जल्द राहत मिलने वाली है। एनएचएआई ने शहर में हाइडिल तिराहे से पकड़ी चौराहा और सनई से धेंसा मार्ग पर नाला निर्माण की रफ्तार तेज करा दी है।
शहर के अंदर अशोक मार्ग समेत दोनों तरफ 15 किमी से अधिक नाला का निर्माण होने से 17 से अधिक मोहल्ले में जलनिकासी की सुविधा दुरुस्त हो जाएगी। इससे यहां की डेढ़ लाख से अधिक आबादी को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी।
शहर के अशोक मार्ग समेत हाइडिल तिराहे से पकड़ी चौराहे तक और सनई से धेंसा तक अधूरे पड़े नाली निर्माण से कई मोहल्लों में जलनिकासी व्यवस्था बाधित रही। इसमें शहर के शास्त्रीनगर, वाल्मिकीनगर, सरोजनीनगर, आजाद नगर समेत कई मोहल्लों के घरों और दुकानों का गंदा पानी मुख्य मार्ग पर फैला रहा।
वहीं अशोक मार्ग पर दोनों तरफ एनएचएआई की तरफ से नाली निर्माण किया जाना है, लेकिन काम अब भी अधूरा है। इससे ऑफिसर्स कॉलोनी, कांशीराम आवास व मुडिला समेत विभिन्न मोहल्लों की जलनिकासी नहीं हो पा रही है।
शास्त्रीनगर निवासी हीरालाल, राकेश का कहना है कि अधूरे नाली निर्माण से उनकी दुकान और घर का पानी सामने की नाली में जाम रहता है, जिससे बदबू और गंदगी के कारण बहुत दिक्कत होती है।
यहां हो रहा नाला निर्माण: एनएचएआई की ओर से शहर के हाइडिल तिराहे से पकड़ी चौराहे तक दोनों तरफ चार-चार किमी नाला निर्माण हो रहा है। इसी तरह 2.5 किमी लंबे अशोक मार्ग पर फोरलेन हाईवे के दोनों तरफ नाला का निर्माण हो रहा है, जिससे निर्माण में भी तेजी आई है। वहीं शहर के सनई से पिपरा होते हुए धेंसा तक जलनिकासी के लिए हाईवे के दोनों तरफ तीन किमी लंबे नाले का निर्माण हो रहा है।
वर्तमान में हाइडिल तिराहे से पकड़ी चौराहे की तरफ नाला निर्माण कार्य जारी है। वहीं, अशोक मार्ग पर अधूरा नाले को पूरा करने के लिए खुदाई की जा रही है जबकि सनई से धेंसा की तरफ नाले की ढलाई की जा रही है।