घोघी भी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर, राप्ती लाल निशान से 32 सेंटीमीटर नीचे
तेजी से बढ़ रहा नदियों का जलस्तर, कटान का खतरा भी बढ़ा
सिद्धार्थनगर। तीन दिन तक हुई बारिश थमने के दो दिन बाद भी जिले की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.31 मीटर ऊपर बह रही थी। वहीं घोघी नदी भी लाल निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। राप्ती नदी खतरे के निशान से महज 32 सेंटीमीटर नीचे है। नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बूढ़ी राप्ती का जलस्तर रविवार शाम 86.56 मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 86.96 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 85.65 मीटर है। इसी तरह राप्ती नदी का जलस्तर रविवार शाम 84.04 मीटर से बढ़कर सोमवार को 84.58 मीटर पहुंच गया। इसका खतरे का निशान 84.900 मीटर है।
घोघी नदी का जलस्तर रविवार शाम 86.85 मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 87.20 मीटर पहुंच गया। इसका खतरे का निशान 87 मीटर है। कूड़ा और बानगंगा नदियों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। नेपाल के पहाड़ों से निकलने वाली तेलार नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शहर के बीच से गुजरने वाले जमुआर नाले का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
बूढ़ी राप्ती के बढ़ते जलस्तर से इटवा, शोहरतगढ़ और जोगिया क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण पिछले वर्षों में आई बाढ़ की स्थिति को याद कर चिंतित हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ नदियों के किनारे कटान का खतरा भी बढ़ गया है। उसका, जोगिया, डुमरियागंज और शोहरतगढ़ समेत कई क्षेत्रों में खेत, सड़क और बाग प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
बाढ़ प्रभावित गांव में हरसंभव मदद का दिया भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सोमवार को शोहरतगढ़ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम खैरी शीतल प्रसाद का निरीक्षण किया। उन्होंने मोटरबोट से पानी से घिरे टोलों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। इससे पहले उन्होंने बानगंगा बैराज का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को बंधों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ को बारिश और बाढ़ से खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ प्रभावित मजरों में तत्काल लंच पैकेट वितरित कराने को कहा।
ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन उनके साथ है और हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसी गर्भवतियों को भी पहले से चिह्नित करने को कहा, जिनका प्रसव अगले 15 से 20 दिनों में संभावित है। ऐसी महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों की जांच करने और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड कृपाशंकर भारती, सहायक अभियंता मालविका जायसवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का निशान सोमवार का जलस्तर
नदी
खतरे का निशान
सोमवार का जलस्तर
राप्ती 84.900 84.580
बूढ़ी राप्ती 85.650 86.960
कूड़ा 83.520 83.150
बानगंगा 93.420 90.800