सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव के दौरान चौथे दिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आम जन के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए आशाओं को मनोयोग से कार्य करना होगा।
कुछ आशाएं अच्छा कार्य कर ही है जो सम्मान के पात्र है लेकिन अभी भी कई आशा अपने कार्य को लेकर गंभीर नहीं है, जिन पर कार्रवाई के लिए भी विभाग को निर्देशित किया गया है।
डीएम ने कहा कि अगर आशा प्रथम त्रैमास में गर्भवतियों को चिह्नित कर उन्हें सेवाएं देना प्रारंभ कर दें तो न सिर्फ महिला को उच्च जोखिम में जाने से बचाया जा सकता है बल्कि कम वजन वाले नवजातों की संख्या में भी कमी लाई जा सकती है।
सीएमओ डाॅ. रजत कुमार चौरसिया ने विभाग के महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी वीएन चतुर्वेदी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाए जाने वाले गोल्डन कार्ड से मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लाभ पाने वाले बच्चों के बारे में बताया।