- कांवड़ यात्रा के चलते आठ से 11 अगस्त तक बड़े वाहनों पर लगी थी रोक
सकारपार। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को लेकर लागू रूट डायवर्जन से चार दिन तक परेशान रहे यात्रियों को बुधवार से राहत मिल गई। आठ से 11 अगस्त तक बांसी से बस्ती, अयोध्या होते हुए लखनऊ जाने वाले मार्ग पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगी थी। इसके चलते बस्ती, अयोध्या और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। इससे यात्रा की दूरी और समय बढ़ने के साथ किराया भी अधिक खर्च करना पड़ा। मंगलवार रात डायवर्जन समाप्त होने के बाद बुधवार से पूर्व निर्धारित मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने बांसी से बस्ती-अयोध्या होते हुए लखनऊ जाने वाले बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था की थी। बस्ती की ओर जाने वाले वाहनों को बांसी से संतकबीरनगर और डुमरियागंज-उतरौला मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा था। इससे बस्ती, अयोध्या और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को कई जगह वाहन बदलने पड़े। सबसे अधिक परेशानी जरूरी काम से सफर करने वाले लोगों को हुई।
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मरीज और श्रद्धालु भी हुए परेशान
- रूट डायवर्जन का असर इलाज के लिए लखनऊ जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों पर भी पड़ा। वहीं श्रावण मास में अयोध्या धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी वैकल्पिक मार्ग से सफर करना पड़ा। यात्रियों के अनुसार रास्ता बदलने से यात्रा में अतिरिक्त समय लगा। कई जगह वाहनों की उपलब्धता भी प्रभावित रही। डायवर्जन के कारण वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया था। बांसी से डुमरियागंज और अन्य मार्गों पर यातायात बढ़ने से कई स्थानों पर भीड़ और जाम की स्थिति बनी रही। इससे यात्रियों को सफर में और अधिक समय लगा।
बुधवार से सामान्य हुआ यातायात
- कांवड़ यात्रा को देखते हुए आठ अगस्त से 11 अगस्त तक लागू किया गया रूट डायवर्जन मंगलवार रात समाप्त हो गया। बुधवार 12 अगस्त से बांसी से बस्ती और अयोध्या होते हुए लखनऊ जाने वाले मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन सामान्य कर दिया गया। मार्ग बहाल होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। अब बस्ती-अयोध्या के रास्ते लखनऊ जाने वालों को पहले की तरह सीधा मार्ग उपलब्ध होगा।
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बोले जिम्मेदार....
- श्रावण माह में सुरक्षित कांवड़ यात्रा को देखते हुए आठ से 11 अगस्त तक बांसी से बस्ती की तरफ बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई थी। बुधवार से मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया है।
- मृत्युंजय पाठक, कोतवाल बांसी