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Siddharthnagar News: शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम, रात में ही किया गया सुपुर्द-ए-खाक

Wed, 24 Dec 2025 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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भनवापुर। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के सेखुई गोवर्धन गांव में मंगलवार को रात करीब आठ बजे अब्दुल गनी (30) का शव मुंबई से एंबुलेंस से गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। रात करीब नौ बजे गांव के पूरब स्थित कब्रिस्तान में लोगों ने उसे सुपुर्द-ए-खाक किया।
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जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के सेखुई गोवर्धन गांव निवासी अब्दुल गनी (30) मुंबई में रहकर पीओपी का काम करता था। करीब एक सप्ताह पहले वह मुंबई गया था, जहां एक निर्माणाधीन मकान में काम शुरू किया। 21 दिसंबर रविवार को रात करीब आठ बजे छठी मंजिल से नीचे खाने पीने का सामान लेने आया और फिर सामान लेकर लिफ्ट से ऊपर छठी मंजिल पर जा रहा था, अभी गनी पांचवीं मंजिल पर पहुंचा ही था कि एकाएक लिफ्ट टूटकर नीचे आ गिरी। इस हादसे में अब्दुल गनी गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां लोगों ने मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब एक घंटे इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर मुंबई से गांव के लिए निकले, मंगलवार को रात करीब नौ बजे सेखुई गोवर्धन गांव के कब्रिस्तान में परिजनों के साथ मौजूद इस पास के लोगों की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।







पति की मौत से बिखरे अरमान

भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के सेखुई गोवर्धन गांव निवासी नफीसा खातून का साथ बदकिस्मती ने नहीं छोड़ा। रविवार को मुंबई में एक हादसे के दौरान उसके दूसरे भी पति की मौत ने सारे अरमान बिखेर दिए। वर्ष 2017 में नफीसा खातून की शादी सेखुई गोवर्धन गांव निवासी अब्दुल्ला के दूसरे बेटे ताहिर के साथ हुई थी, जिससे एक बेटी पांच साल की नाजिया है। वर्ष 2022 में पति ताहिर की बाढ़ के दौरान डूबने से मौत हो गई। कुछ दिन बाद नफीसा खातून ने मायके व घर के लोगों के रजामंदी से अपने देवर और अब्दुल्ला के सबसे छोटे बेटे अब्दुल गनी से निकाह कर लिया। इसके बाद नफीसा खातून ने एक बेटे उस्मान (03) को जन्म दिया। पूरे परिवार के साथ बीती बातें भूल कर नई जिंदगी बेहतर तरीके से चल रही थी। रविवार की रात दूसरे पति अब्दुल गनी की मौत की सूचना मिलने पर पैरों तले जमीन खिसक गई। मंगलवार को रात जब अब्दुल गनी का शव घर पहुंचा तो नफीसा खातून के साथ पांच वर्षीय बेटी नाजिया के करुण रूदन हर किसी को रोने पर मजबूर कर दे रहा था। बुजुर्ग पिता अब्दुल्ला व मां हाजिया दूसरे बेटे को खोने के बाद ,आंखों से सूख चुके आंसुओं के बीच पथराई आंखों से अपने बेटे को एक टक देख रहे थे।
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