इटवा। इटवा, डुमरियागंज व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ सर्राफ कारोबारियों का करीब छह करोड़ का सोना लेकर कारीगर चंपत हो गया है। बड़ी देनदारी फंसने से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। आरोपी कारोबारियों से सोना लेकर आभूषण बनाकर उसे दूसरी जगह बेचने का काम करता था। इस मामले में अभी तक किसी सर्राफा ने पुलिस या कहीं और शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
जानकारी के मुताबिक, लगभग 10 वर्ष से एक गांव से इटवा कस्बे में आवास बनाकर रह रहा एक व्यक्ति स्वर्ण व्यापार से जुड़े लोगों से उधार में जेवर खरीदकर सुदूर शहरों में बड़े व्यवसायियों को बेच दिया करता था। बिक्री के बाद मिली धनराशि को वह स्वर्ण व्यवसायियों को लाकर दे देता। इससे व्यवसायियों में उसकी प्रतिष्ठा दिन प्रतिदिन बढ़ती गई। इसके चलते वह अब करोड़ों रुपये के जेवर की खरीदारी व बिक्री करने लगा।
सूत्रों की मानें तो एक माह पूर्व भी वह स्थानीय सोने के व्यवसाय से जुड़े लोगों से लगभग छह करोड़ रुपये के सोने के जेवर उधार में लेकर उसने आजमगढ़ के किसी सर्राफा को उधार में ही बेच दिया, लेकिन बिक्री होने के हफ्तों बाद जेवर के बदले मिलने वाली धनराशि की वापसी के न होने से स्वर्ण व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।
इस संबंध में इटवा कस्बे के एक स्वर्ण व्यवसायी ने बताया कि बिचौलिए का कार्य कर रहे उक्त व्यक्ति का कहना है कि हमेशा मुझे पैसा समय से मिल जाया करता था, लेकिन इस बार जेवर की खरीदारी करने के बाद व्यवसायी ने अभी तक कोई धनराशि नहीं दी है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मामले में लेनदेन के कोई वैध कागजात के न होने से जेवर देने वालों का पैसा फंस गया है। अब यह धनराशि खरीदारी करने वाले व्यवसायी या बिचौलिये के पास है, यह जांच का विषय है। इस करोड़ों रुपये की ठगी होने का मामला इटवा कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।