सिद्धार्थनगर। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश की सिद्धार्थनगर इकाई के पदाधिकारियों ने सोमवार को डुमरियागंज क्षेत्र के बैदौलागढ़ स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय के बाहर बैठक कर जिला चित्रकूट के विद्युत उपकेंद्र छीबों पर तैनात तकनीशियन को विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने पर निलंबन की धमकी दिए जाने का विरोध किया। संघ ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से की है।
जिलाध्यक्ष नीरज कुशवाहा ने कहा कि अकुशल और अनधिकृत व्यक्ति को फोन पर शटडाउन देने से मना करने पर कार्मिक का उत्पीड़न करना अधिकारी की हठधर्मिता और मनमानी है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित तकनीशियन को संरक्षण देने की मांग की।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने जिला चित्रकूट के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र छीबों पर तैनात तकनीशियन-2 मुनौवर अहमद के मामले को लेकर रोष जताया। आरोप है कि उन्हें विद्युत सुरक्षा प्रक्रियाओं के विपरीत अकुशल और अनधिकृत व्यक्ति को शटडाउन देने का दबाव बनाया गया। मना करने पर संबंधित अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अन्य अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया गया। संघ ने पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच और विभागीय नियमों की अनदेखी कर दबाव बनाने वाले संबंधित अवर अभियंता, एसडीओ और अधिशासी अभियंता की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन करने वाले तकनीकी कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो फील्ड में दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। संघ ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और यूपीपीसीएल और डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशकों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष नीरज कुशवाहा, जिला सचिव जहीर अब्बास अंसारी, कार्यवाहक अध्यक्ष पवन यादव, जिला उपाध्यक्ष विशाल शर्मा आदि मौजूद रहे।