डुमरियागज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर में सफरे इमाम हुसैन की याद में निकाले गए अलम, अमारी के मातमी
डुमरियागंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बे में रविवार को हजरत इमाम हुसैन और उनके परिजनों व साथियों के मदीना से कर्बला के लिए किए गए सफर की याद में अलम, जुलजनाह और अमारी का जुलूस निकाला गया।
अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम किया। इस दौरान पूरा कस्बा शोक और गम में डूबा रहा। जुलूस में कामयाब हैदर बबलू ने मैं जा रहा हूं तेरा शहर छोड़कर नाना, कसक रहेगी मगर इसकी उम्र भर नाना... पढ़कर लोगों को गमगीन कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सफरे इमाम हुसैन की याद में हल्लौर स्थित इमामबारगाह कनीज रबाब में रविवार की दोपहर 2:30 बजे मर्सिया मजलिस आयोजित की गई।
मजलिस जाकिर जमाल हैदर करबलाई ने हजरत इमाम हुसैन और उनके परिजनों व साथियों के अरबी महीने की 28 रजब सन 60 हिजरी को मदीना से कर्बला के लिए हक, इंसाफ और इस्लाम धर्म की हिफाजत के लिए किए गए सफर के मंजर को बयान किया। इसे सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदा बुलंद कर रो पड़े।
मजलिस के बाद मातमी जुलूस निकाला गया। जो जनाबे सकीना के रौजे, इमाम बारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी, दरगाह हजरत अब्बास, जन्नतुलबकी होते हुए कर्बला पर पहुंचा।