सिद्धार्थनगर। बदलते परीक्षा पैटर्न को देखते हुए कृषि विज्ञान को रटने के बजाय समझ के साथ पढ़ाई करने की जरूरत है। कृषि विज्ञान में प्रश्न अब सीधे परिभाषाओं से नहीं बल्कि प्रक्रिया, कारण-परिणाम और व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित पूछे जा रहे हैं। ऐसे में छात्र को समझने से बेतहर उत्तर दिए जा सकते हैं।
शिवपति इंटर कॉलेज के कृषि विज्ञान के प्रवक्ता रामानंद चौधरी ने बताया कि मिट्टी विज्ञान, फसल उत्पादन, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई एवं कीट नियंत्रण जैसे अध्यायों को छात्र उदाहरण, चार्ट और फ्लो-डायग्राम के माध्यम से समझें। इससे प्रश्नपत्र हल करना काफी आसान हो जाता है।
रटकर पढ़े गए उत्तर अक्सर घुमाकर पूछे गए सवालों में काम नहीं आते जबकि विषय की समझ होने पर छात्र किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर आत्मविश्वास के साथ लिख लेंगे। बताया कि छात्र प्रत्येक अध्याय के बाद अपने शब्दों में सार लिखें, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें और रोजमर्रा की खेती से जुड़े उदाहरणों को पढ़ाई से जोड़ें। इससे न केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त होंगे बल्कि कृषि से संबंधित स्थायी और उपयोगी ज्ञान भी विकसित होगा।