फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: संदिग्धों पर एजेंसियों की पैनी नजर, नेपाल में भी अलर्ट

Fri, 12 Dec 2025 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। बांग्लादेशी और रोहिंग्या नेटवर्क की संभावित हलचल के बीच झुग्गी-झोपड़ी, बस्तियों के साथ कबाड़ बीनने वालों और अस्थायी मजदूर समूहों की भारत की ओर से सघन जांच की जा रही है।
विज्ञापन

वहीं, नेपाल प्रशासन ने भी सीमावर्ती जिलों विशेषकर बिहार बाॅर्डर से लगे नेपाल के वीरगंज जिले में और लुंबिनी में सख्ती बढ़ा दी है। नेपाल से जुड़े सूत्रों की माने तो यहां नहीं उत्तराखंड के महेंद्रगढ़ तक नेपाल सीमा से लगे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने गोपनीय जांच और सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
बांग्लादेशी-रोहिंग्या को लेकर जांच तेज हो गई है। बाॅर्डर इलाके में होटल, ढाबा, गुमटी, कबाड़, फेरी और अन्य अस्थाई रूप से काम करने वालों पर खुफिया एजेंसी की नजर है। हर इनपुट को सुरक्षा एजेंसियां सक्रियता से टटोल रही हैं। इसके साथ ही नेपाल में भी बाहरियों को लेकर हलचल मची है। नेपाल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाल में सबसे बड़े कारोबार के रूप में शामिल होटल, माॅल और अन्य जगहों पर काम करने वाले सीमावर्ती जिलों में भी अंदर ही अंदर सत्यापन किया जा रहा है। नेपाल सरकार भी किसी प्रकार का रिस्क लेने से बच रही है, जिससे नाम खराब न हो।
विज्ञापन

वहीं, जिले से लगने वाले 68 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी सख्त कर दी गई है।
पूर्व में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे संदिग्धों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हो चुका है कि सीमा से सटे नेपाल के इलाके में बैठक वह भारत विरोधी गतिविधि को संचालित कर रहे थे।
इसके बाद सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क नेपाल के तराई क्षेत्रों में अस्थायी ठहराव बनाकर बिहार व पूर्वी यूपी के सीमांत जिलों में आवाजाही करता रहा है। इसी के बाद नेपाल पुलिस, एपीएफ और स्थानीय प्रशासन ने बिहार से लगे वीरगंज जिले, कपिलवस्तु और लुंबिनी बेल्ट में निगरानी बढ़ाई है।
सुरक्षा से जुड़े सूत्रों लोगों की मुताबिक भारत की ओर से भी खुफिया इनपुट मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया गया है। सीमावर्ती गांवों, झोपड़ी बस्तियों, कबाड़ी बाजारों और किराए के कमरों में रहने वालों की पहचान का सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कई एजेंसियां संयुक्त रूप से ग्राउंड इंटेलिजेंस जुटाने में लगी हैं ताकि किसी भी असामाजिक समूह की घुसपैठ को रोका जा सके। नेपाल में सक्रिय कुछ मॉड्यूल के पकड़े जाने और उनके द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों की योजना का खुलासा होने के बाद दोनों देशों की एजेंसियां इंटर-स्टेट और इंटर-कंट्री कॉर्डिनेशन पर भी फोकस कर रही हैं। इसके तहत संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आर्थिक लेनदेन और सीमा-पार ट्रांजिट रूट की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें