- बार एसोसिएशन इटवा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने किया गया प्रदर्शन
इटवा। बार एसोसिएशन इटवा के अध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में मंगलवार को भी अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक तहसीलदार स्थानांतरण होने के बाद यहां से रिलीव नहीं होंगे। तब तक अधिवक्ता कोई न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
बार एसोसिएशन इटवा के अध्यक्ष की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय के सामने धरना दिया और तहसीलदार कैलाश नाथ यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंगलवार को धरने की शुरुआत तहसीलदार इटवा के कार्यालय में आने के बाद शुरू हुआ। तहसीलदार इटवा के कार्यालय में बैठते ही उनके दरवाजे को लोहे की बेंच से व न्यायालय के दरवाजे को भी बाहर से बंद करके कर्मचारियों के भी आवागमन बंद कर दिया। इस दौरान लाउडस्पीकर का मुंह भी कार्यालय की तरफ कर दिया गया। दोपहर दो बजे तहसीलदार के कार्यालय से निकलने के बाद नारेबाजी शांत हुई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तहसीलदार इटवा जब से यहां आए है। कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले वादकारी परेशान हो रहे हैं। इस दौरान काफी संख्या में आए फरियादी तमाशबीन बनकर बैठे रहे। अधिवक्ता प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि टेलीफोन से हुई वार्ता में एडीएम ने दो तीन दिन में इस मामले में कुछ न कुछ करने का आश्वासन दिया है। अधिवक्ताओं में विजय कुमार पांडेय, एसपी मिश्रा, अब्दुल हलीम, हकीमुल्लाह, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, केके मिश्रा आदि धरने में बैठने वाले प्रमुख लोगों में से रहे।