डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के ग्राम हिसामुद्दीनपुर स्थित तकियवा बाबा के प्राचीन मजार को राम अवतार दास का समाधि स्थल बताने को लेकर दो समुदाय के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसे दूर करने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है।
बुधवार की शाम को डुमरियागंज तहसीलदार रविकुमार यादव और सीओ बृजेश कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था कायम रखने और मजार पर किसी नई परंपरा की शुरुआत न करने की लोगों से अपील की। वहीं, दूसरी ओर बृहस्पतिवार को मजार स्थल पर प्रस्तावित हनुमान चालीसा व भंडारा कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम हिसामुद्दीनपुर स्थित तकियवा बाबा की प्राचीन मजार पर हर बृहस्पतिवार को दोनों समुदाय के लोग भारी संख्या में पहुंचकर चादर चढ़ाते हैं और वहां अपने शीश झुकाकर मन्नतें मांगते हैं। हर बृहस्पतिवार को मजार स्थल पर मेले जैसा नजारा दिखाई देता है। सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हिन्दूवादी संगठनों के लोग मजार के सामने पहुंचे और नारेबाजी की और उसे समाधि स्थल होने का दावा भी किया गया, जिसके बाद दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस संबंध में डुमरियागंज सीओ बृजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मजार स्थल पर बृहस्पतिवार को प्रस्तावित हनुमान चालीसा और धार्मिक अनुष्ठान को स्थगित कराने के लिए आयोजक से वार्ता चल रही है।