फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: होर्डिंग के जाल पर चला प्रशासन का डंडा, अशोक मार्ग हुआ साफ

Tue, 03 Nov 2026 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
शहर के अशोक मार्ग पर होर्डिंग बैनर हटाते नगर पालिका कर्मी। संवाद
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। शहर में अवैध होर्डिंग से यातायात और सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को लेकर नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को अशोक मार्ग पर साड़ी तिराहे से हाइडिल तिराहे तक अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटाए गए। देर शाम कर्मचारी सड़क किनारे लगे होर्डिंग और उनके ढांचे हटाने में जुटे रहे।
विज्ञापन

अमर उजाला के ‘’होर्डिंग का खेल, सिस्टम फेल’’ अभियान के तहत 24 अक्तूबर के अंक में ‘’अनुमति सिर्फ 16 की, शहर के चौक-चौराहों पर होर्डिंग की बाढ़’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके साथ ही लगातार इस संबंध में खबरें प्रकाशित की जा रही हैं। इसमें बिना अनुमति लगाए गए सैकड़ों होर्डिंग और यातायात संकेतक छिपने की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।
सोमवार को कर्मचारियों ने साड़ी तिराहे से हाइडिल तिराहे तक सड़क किनारे और अन्य स्थानों पर लगे होर्डिंग हटाए। देर शाम तक जेसीबी की मदद से अभियान चलता रहा। हालांकि, शहर के कई अन्य प्रमुख मार्गों और चौराहों पर अब भी बड़ी संख्या में होर्डिंग लगे हुए हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि नगर पालिका प्रशासन अभियान को अन्य इलाकों तक भी पहुंचाएगा।
विज्ञापन

कई प्रमुख स्थानों पर अब भी होर्डिंग का जाल : अशोक मार्ग पर कार्रवाई के बावजूद शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। उसका रोड, पुरानी नौगढ़, सनई चौराहा और बांसी तिराहा समेत मुख्य मार्ग के कई हिस्सों में होर्डिंग हटाए जाने बाकी हैं।
ऐसे में जरूरी है कि नगर पालिका प्रशासन अभियान को केवल एक मार्ग तक सीमित न रखकर पूरे शहर में चलाए, ताकि यातायात संकेतक स्पष्ट दिखाई दें और हादसों की आशंका कम हो।
अन्य नगर निकायों में भी कार्रवाई की जरूरत : जिले के नगर पालिका सिद्धार्थनगर, बांसी और विभिन्न नगर पंचायत मुख्यालयों में भी सड़कों, चौराहों और बाजारों के आसपास अवैध होर्डिंग की समस्या बनी हुई है।
बेतरतीब ढंग से लगाए गए होर्डिंग से शहरों की सुंदरता प्रभावित होने के साथ यातायात संकेतक भी छिप जाते हैं।
वहीं, जर्जर ढांचों के गिरने से हादसों का खतरा बना रहता है। ऐसे में सिद्धार्थनगर की तर्ज पर अन्य नगर निकायों में भी अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटाने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें