- बांसी में पिंक समाधान दिवस पर डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
- 44 शिकायतें आईं, मौके पर राजस्व की चार शिकायतों का निस्तारण
बांसी। तहसील समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। शनिवार को बांसी तहसील में आयोजित पिंक समाधान दिवस में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग का प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। शिकायतों की जांच शिकायतकर्ता और विपक्षी, दोनों पक्षों के सामने कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की उपस्थिति में आयोजित समाधान दिवस में कुल 44 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें राजस्व के 32, पुलिस के छह, विकास के तीन, नगर पालिका के दो और आपूर्ति विभाग का एक मामला शामिल रहा। राजस्व से संबंधित चार मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया। अन्य शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीएम ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की निस्तारण आख्या का भी अवलोकन किया। इसके बाद तत्काल जिला स्तरीय टीम गठित कर मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील समाधान दिवस के साथ ही आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का भी समय से निस्तारण किया जाए। केवल कागजी कार्रवाई के बजाय शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
भूमि विवादों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कानूनगो और लेखपालों को भूमि संपत्ति रजिस्टर और भूमि विवाद रजिस्टर तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग में समाधान दिवस का प्रकरण लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी विश्वमित्र सिंह ने राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई की जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सुनीं।
इस दौरान सीएमओ डॉ. संजय कुमार दोहरे, पीडी अनिल कुमार, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।