सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के कार्य बहिष्कार से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। जिले के 250 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटकने से ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, सामान्य इलाज और स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रभावित हुई है।
शुक्रवार को कई केंद्रों पर पहुंचे मरीजों और गर्भवतियों को निराश होकर लौटना पड़ा। कुछ लोगों को इलाज और टीकाकरण के लिए कई किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) जाना पड़ रहा है।
जिले में कुल 324 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर हड़ताल का असर बताया जा रहा है। हालांकि, सीएचसी और पीएचसी पर नियमित कर्मचारियों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने की कोशिश की जा रही है। कई केंद्रों पर नियमित एएनएम से टीकाकरण और प्रसव का काम कराया जा रहा है। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी कार्यरत हैं।
बभनी और लालपुर में ओपीडी व जांच प्रभावित : पकड़ी बाजार। जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बभनी और लालपुर में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य बहिष्कार से सामान्य इलाज प्रभावित है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, बभनी केंद्र पर प्रतिदिन करीब 20 से 22 मरीजों की ओपीडी और मलेरिया सहित अन्य जांच होती थीं। वहीं, जखौलिया भेड़िहवा केंद्र पर प्रतिदिन 17 से 18 मरीजों की ओपीडी के साथ मलेरिया और मधुमेह की जांच की जाती थी। केंद्र बंद होने से मरीजों को दवा और जांच के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। बभनी पहुंचे सुरेश ने बताया कि बुखार होने पर दवा लेने आए थे, लेकिन केंद्र बंद मिला। अब उन्हें दूसरे अस्पताल जाना पड़ेगा। वहीं, रेखा ने बताया कि उनकी बहू को टीका लगवाना था लेकिन केंद्र बंद होने से परेशानी हुई।
सीएचसी अधीक्षक जोगिया डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि संविदा कर्मियों के धरने के कारण नियमित एएनएम को भेजकर टीकाकरण कराया जा रहा है। हालांकि, ओपीडी और जांच की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
गर्भवतियों को नहीं मिल रही नियमित जांच की सुविधा : महदेवा बाजार। नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर महदेवा बाजार और इससे जुड़े सेमरा केंद्र पर टीकाकरण प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. अनूप जायसवाल ने बताया कि संबंधित एएनएम मातृत्व अवकाश पर थीं। उनके लौटने के बाद हड़ताल समाप्त होने पर टीकाकरण और नियमित जांच कराने की व्यवस्था की जाएगी।
10 किलोमीटर दूर बेंवा सीएचसी जाने को मजबूर :भारतभारी। बेंवा सीएचसी क्षेत्र के उपकेंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कार्य बहिष्कार से टीकाकरण प्रभावित है। क्षेत्र के परसा इमाद, भानपुर रानी, कादिराबाद और अन्य स्थानों के प्रसव केंद्रों पर भी परेशानी सामने आ रही है। परसा इमाद की सावित्री ने बताया कि केंद्र बंद होने के कारण उन्हें टीकाकरण के लिए करीब 10 किलोमीटर दूर बेंवा सीएचसी जाना पड़ रहा है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के 29 जन आरोग्य मंदिर और 34 उपकेंद्रों पर सेवाएं प्रभावित हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 150 बच्चों और 60 गर्भवतियों का टीकाकरण होता था। कुछ लोगों को आसपास के संचालित केंद्रों पर भेजा जा रहा है। जो लोग वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन्हें केंद्र दोबारा शुरू होने पर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द : शोहरतगढ़। सीएचसी शोहरतगढ़ क्षेत्र में संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके आजाद के अनुसार, नियमित कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। उनकी छुट्टियां रद्द कर सोमवार से शनिवार तक ड्यूटी कराई जा रही है। अलीदापुर, माधवपुर और अतरी के प्रसव केंद्रों पर आने वाली गर्भवतियों को सीएचसी पहुंचाया जा रहा है, जहां नियमित स्टाफ नर्स और एएनएम से प्रसव कराया जा रहा है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके भारती के अनुसार, सीएचसी पर प्रतिदिन सात से आठ प्रसव कराए जाते हैं। टीकाकरण के लिए पहुंचीं मालती, सविता और सुमन ने बताया कि उन्हें केंद्र पर आने के बाद पता चला कि संविदा कर्मियों की हड़ताल के दौरान बुधवार और शनिवार को सीएचसी में टीकाकरण कराया जाएगा। ऐसे में उन्हें दोबारा जांच और टीकाकरण के लिए आना पड़ेगा।