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Siddharthnagar News: महंगी हुई चाय की चुस्की, प्याली से कम हुई मिठास

Thu, 20 Aug 2026 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शहर में स्तिथ दुकान पर चीनी की खरीददारी करते ग्राहक। संवाद
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- 65 रुपये की चीनी ने चाय का स्वाद बदला, 15 दिन में 15 रुपये किलो तक बढ़ा भाव
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- घरों में मीठी चाय से लेकर शरबत तक की मात्रा पर चली कैंची
सिद्धार्थनगर। चाय की प्याली वही है, दूध और चाय की पत्ती भी वही...बस चीनी डालने वाले हाथों पर महंगाई ने लगाम कस दी है। 15 दिन पहले 48-50 रुपये किलो बिक रही चीनी अब 62 से 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। कीमत बढ़ने के बाद जहां चाय की चुस्की भी महंगी हो गई है। वहीं, चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए डाली जाने वाली चीनी के नपे-तुले इस्तेमाल से प्याली की मिठास भी कम हो गई है।
महंगाई का यह असर बाजार से ज्यादा घरों की छोटी-छोटी आदतों में दिखाई दे रहा है। जानकार बताते हैं कि चार सदस्यीय परिवार में रोज दो बार चाय बनने पर महीने में सैकड़ों कप चाय तैयार होती है। ऐसे में चीनी की कीमत में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी मामूली नहीं है। छह किलो महीने की खपत मानें तो पहले 300 रुपये खर्च होते थे, अब करीब 390 रुपये देने पड़ रहे हैं। यानी सिर्फ चीनी पर करीब 90 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
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गृहिणियों का कहना है कि चीनी की कीमत बढ़ने के बाद सबसे पहले इसकी खपत पर नजर गई है। नौगढ़ की सुनीता देवी कहती हैं कि पहले महीने के लिए पांच-छह किलो चीनी सहजता से खरीद ली जाती थी। अब कई परिवार जरूरत के हिसाब से खरीद रहे हैं। कुछ लोग एक साथ किलो भर खरीदने के बजाय आधा किलो या छोटी मात्रा में सामान लेने लगे हैं।
किराना दुकानदार पुनीत के मुताबिक पहले ग्राहक सामान्य तौर पर एक या दो किलो चीनी लेते थे लेकिन अब कई ग्राहक आधा किलो लेकर जा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की पहली शिकायत यही होती है कि इतनी जल्दी चीनी 65 रुपये कैसे हो गई? इसका असर चाय की दुकानों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों के सामने दुविधा है कि चीनी और दूध की बढ़ती लागत ग्राहकों पर डालें या अपनी कमाई घटाकर पुरानी कीमत पर चाय बेचते रहें। फिलहाल ज्यादातर दुकानदार कीमत बढ़ाने से बच रहे हैं।
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घर में बदला मीठे का मिजाज
- चीनी महंगी होने का असर सिर्फ चाय तक नहीं है। गर्मी में बनने वाला शरबत, नींबू पानी, खीर, हलवा और दूसरे मीठे पकवान भी इसकी चपेट में हैं। कुछ परिवारों ने शरबत में चीनी कम कर दी है तो कुछ ने इसे रोज की जगह कभी-कभार का पेय बना दिया है।
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चाय की चुस्की का बदला हिसाब
पहले
चीनी : 48-50 रुपये किलो
एक कप चाय में सामान्य मात्रा : 2 चम्मच तक
छह किलो मासिक खपत : करीब 300 रुपये

अब
चीनी : 62-65 रुपये किलो
कई घरों में मात्रा घटकर : 1-1.5 चम्मच
छह किलो मासिक खपत : करीब 390 रुपये
फर्क : महीने में करीब 90 रुपये, साल में करीब 1,080 रुपये अतिरिक्त।
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सिर्फ चीनी नहीं, पूरी चाय महंगी
- दुकानदार अखिलेश कहते हैं कि चाय की लागत में चीनी के साथ दूध, चाय की पत्ती और अदरक भी शामिल हैं। इनके दाम जुड़ने से चाय विक्रेताओं की लागत लगातार बढ़ रही है। यानी चाय की कीमत भले अभी वही हो लेकिन उसकी लागत बढ़ चुकी है। दुकानदारों का कहना है कि लागत इसी तरह बढ़ती रही तो चाय के कप की कीमत पर भी असर पड़ सकता है।
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चीनी : 62-65 रुपये किलो
दूध : करीब 68-72 रुपये लीटर
चायपत्ती : करीब 240-280 रुपये किलो
अदरक : करीब 100-140 रुपये किलो

पहले 50 रुपये किलो के आसपास चीनी मिल जाती थी। अब 65 रुपये किलो पहुंच गई है। घर में चाय सबसे ज्यादा बनती है, इसलिए चीनी का भाव बढ़ने का असर सीधे महीने के बजट पर पड़ रहा है। अब चाय में चीनी डालते समय भी चम्मच का हिसाब रखना पड़ रहा है।
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- निशिकला, गृहिणी
एक-दो रुपये की बढ़ोतरी हो तो घर के खर्च में संभाल लेते हैं लेकिन चीनी के दाम में इतनी तेजी से बढ़ोतरी परेशानी बढ़ा रही है। दूध, चाय की पत्ती और अदरक पहले ही महंगे हैं। अब चाय का कप भी सोच-समझकर बनाना पड़ रहा है।
- सिम्मी, गृहिणी
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