सिद्धार्थनगर। श्रीश्री राधाकृष्ण मंदिर विवेकानंद नगर (भीमापार) में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा व्यास आचार्य संतोष शुक्ल ने श्रोताओं को विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का रसपान कराया।
उन्होंने मुख्य रूप से राजा परीक्षित के जन्म, शुकदेव जी के आगमन, ईश स्तुति तथा ध्रुव चरित्र आदि प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
कथा व्यास आचार्य संतोष शुक्ल ने भगवान की भक्ति और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से मनुष्य जीवन को सार्थक बना सकता है। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं और भक्तों के चरित्रों का मार्मिक वर्णन सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
प्रस्तुत किए गए सुमधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भजनों पर श्रोता भक्ति सागर में गोता लगाते नजर आए। इस दौरान राजेश मणि त्रिपाठी, ओपी मिश्र, कृष्ण मोहन उपाध्याय, दिनेश भार्गव, सुभाष तिवारी, रंजनेश धर दुबे, प्रेम पांडेय, अनिल पांडेय, वेद प्रकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।