सिद्धार्थनगर। जिले में प्रशासनिक अनुशासन की स्थिति बृहस्पतिवार को उस समय उजागर हो गई, जब जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कलक्ट्रेट सहित प्रमुख कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध करने तथा संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में विकास भवन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और तहसील नौगढ़ में भी सख्त कार्रवाई की गई। कलक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान भू-अर्जन अमीन रमाशंकर प्रसाद, अमर कुमार पांडेय और विवेक कुमार यादव, इंदुबाला सिंह मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, अजय कुमार दूबे राजस्व सहायक, प्रेमसागर चौधरी आरआरके, सुजीत कुमार श्रीवास्तव जेआरके, संजय कुमार एवं अनीता पाण्डेय प्रबंधक अभिलेखागार, सलिलेश राम त्रिपाठी और आकाश प्रताप यादव आपदा सहायक, आनंद कुमार सीलिंग लिपिक, मो. नईम वाद सहायक, सूरज श्रीवास्तव और दीपेश पांडेय कनिष्ठ सहायक, सुरेंद्र कुमार वाहन चालक, पुष्पा मिश्रा और गीता देवी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तथा मिथलेश तिवारी संबद्ध पेशी कानूनगो अनुपस्थित पाए गए।
सभी का एक दिन का वेतन अवरुद्ध करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश और अपर उपजिलाधिकारी ललित कुमार मिश्रा के कार्यालय में उपस्थित न रहने पर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया।
लंबी है गैर हाजिर की फेहरिस्त: इसी निरीक्षण में विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में उमेश कुमार यादव और अमित कुमार शुक्ला वरिष्ठ सहायक, जितेंद्र यादव और पूजा यादव कनिष्ठ सहायक, ऋचा शुक्ला, अरविंद कुमार उपाध्याय और कुंअर प्रतीक सिंह एएसओ, बृजेश कुमार लेखाकार, हिमांशु यादव एवं अमित कुमार शर्मा, सुल्तान अली वाहन चालक, अरुण कुमार गुप्ता चतुर्थ श्रेणी, इसरतुल्लाह उर्दू अनुवादक-सह-वरिष्ठ लिपिक, संध्या श्रीवास्तव वरिष्ठ लिपिक, नूपुर श्रीवास्तव लेखा सहायक, इजहार अहमद डीपीएम (एसबीएम), नरेंद्र श्रीवास्तव कंप्यूटर ऑपरेटर, नदीम अहमद ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, अमन त्रिपाठी, शेषनारायण मिश्र एवं मिथलेश चंद्र श्रीवास्तव, जमाल अहमद उर्दू अनुवादक-सह-वरिष्ठ लिपिक, राजेंद्र कुमार शुक्ला वरिष्ठ सहायक, संतोष कुमार एमआईएस मैनेजर, शिवाकांत मिश्रा डीपीएम, योगेंद्र कुमार प्रधान सहायक, मसीह उल्लाह आदि का वेतन अवरुद्ध किया गया।