- दक्षिण कोरिया के मुख्य गुरु बेन रेवल पम यून सुनिम के निर्देशन में हुआ पूजन-अर्चन, अमेरिका सहित 8 देशों के श्रद्धालु रहे शामिल
सिद्धार्थनगर। विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल पिपरहवा कपिलवस्तु में मंगलवार को विदेशी पर्यटकों का एक बड़ा दल दर्शन के लिए पहुंचा। 13 बसों में सवार कुल 520 विदेशी पर्यटक यहां स्तूप दर्शन और पूजन-अर्चन के लिए आए। पर्यटकों के आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का विशेष माहौल देखने को मिला।
गाइड प्रमुख डॉ. प्रियंका ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय पर्यटक दल के साथ कुल छह अनुभवी गाइड तैनात रहे, जो पर्यटकों को पिपरहवा कपिलवस्तु के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते रहे। गाइडों द्वारा बौद्ध धर्म, भगवान बुद्ध के जीवन, शाक्य वंश और कपिलवस्तु के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस विदेशी पर्यटक दल में अमेरिका के दो, मलेशिया के एक, ब्रिटेन के दो, थाईलैंड के एक और ऑस्ट्रेलिया से दो देशों के श्रद्धालु शामिल हैं। सभी पर्यटक बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं और धार्मिक भावना के साथ विश्व के प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं।
पर्यटक दल नेपाल के लुम्बिनी, पाल्पा और तानसेन क्षेत्रों का दर्शन करने के बाद सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश कर पिपरहवा कपिलवस्तु पहुंचा। यहां स्तूप दर्शन और पूजन के उपरांत यह दल श्रावस्ती के लिए प्रस्थान करेगा, जहां भगवान बुद्ध से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया जाएगा।
दक्षिण कोरिया के मुख्य गुरु बेन रेवल पम यून सुनिम के निर्देशन में स्तूप परिसर में विधिविधान से पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान बौद्ध मंत्रोच्चार और ध्यान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बन गया। बताया गया कि यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटक टीम 22 जनवरी को अपनी धार्मिक यात्रा पर निकली थी। यात्रा के दौरान दल ने सारनाथ, बोधगया, राजगीर, वैशाली, कुशीनगर, पिपरहवा कपिलवस्तु, श्रावस्ती सहित भारत और नेपाल के कई प्रमुख बौद्ध स्थलों का दर्शन-पूजन किया है। यह यात्रा आगामी 7 फरवरी को संपन्न होगी।