सिद्धार्थनगर। जिले में बदहाल पड़े विद्यालयों और बीआरसी का जल्द ही कायाकल्प होगा और वह नए स्वरूप और लुक में नजर आएंगे। इसके पुर्ननिर्माण पर 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होगा। इसमें 39 प्राथमिकी और पूर्व माध्यमिक विद्यालय, एक बीआरसी और 17 अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण शामिल है।
शासन से स्वीकृति मिलने के साथ ही बजट भी आवंटित हो गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जनपद में 2600 से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें लगभग तीन लाख बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे भी विद्यालय हैं जो बहुत पुराने हैं और जर्जर हो गए हैं। सरकार की ओर से विद्यालयों के कायाकल्प योजना के तहत भवन की मरम्मत के साथ ही पुर्ननिर्माण का भी कार्य कराया जा रहा है। जनपद में विद्यालयों के पुर्ननिर्माण और अतिरिक्त कक्षा कक्ष और इटवा बीआरसी निर्माण के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी।
जिस पर शासन ने स्वीकृति प्रदान करते हुए पहली किस्त भी जारी कर दी है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
विद्यालय को पुर्ननिर्माण के जरिये नए लुक में लाया जाएगा और मॉडल की तर्ज विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों के कायाकल्प होने से विद्यालय का प्लास्टर गिरने, टूटने और होने वाले हादसे से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण से बच्चों को लाभ मिलेगा। जहां कमरा कम होने के कारण एक जगह पर बच्चे बैठकर पढ़ाई करते थे। अब भी उन्हें पर्याप्त जगह मिल जाएगी।
इतनी लागत से होगा इस ब्लाॅक में अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण ःविभाग से मिली जानकारी के अनुसार 17 अतिरिक्त कक्षा कक्षा का निर्माण होना है। इसमें बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र में दो, मिठवल में एक, भनवापुर एक, खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र में सात, जोगिया में एक, नौगढ़, उसका बाजार, लोटन में एक-एक और शोहरतगढ़ में दो शामिल हैं। इसमें एक कक्षा कक्ष के निर्माण पर 11.51 लाख रुपये खर्च किए जाएंगा।