सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में साक्ष्यों के आधार पर बांसी थानाक्षेत्र के सिहोरिया निवासी अभियुक्त आचार्यनाथ यादव उर्फ पंडित को दोषी ठहराया। उसे 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
घटना बांसी थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 फरवरी 2021 को वारदात हुई थी। एक व्यक्ति ने बांसी थाने पर लिखित तहरीर देते हुए कहा कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 13 फरवरी 2021 को सुबह चार बजे घर से बाहर शौच के लिए गई थी और घर नहीं लौटी। वह अपने साथ मोबाइल फोन भी लेकर गई थी। काफी खोजबीन व तलाश करने के बाद भी कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने केस दर्ज करके विवेचना शुरू की।
काफी खोजबीन के बाद किशोरी को बरामद कर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराकर न्यायालय में बयान दर्ज करवाया। इसके बाद दुष्कर्म के अपराध की धारा में बढ़ोतरी करते हुए कोतवाली बांसी थाना क्षेत्र के सिहोरिया निवासी अभियुक्त आचार्यनाथ यादव उर्फ पंडित को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जिसे न्यायालय ने जेल भेज दिया।
इसके बाद विवेचना पूरी करके पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले का संज्ञान लेकर न्यायालय ने अभियुक्त के ऊपर आरोप विरचित करके परीक्षण शुरू किया।
परीक्षण की समाप्ति के बाद उपलब्ध साक्ष्यों गवाहों की गवाही, जिरह, चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट, घटना के तथ्यों और परिस्थितियों व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए उसे अवयस्क बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के अपराध में बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए उसके ऊपर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे अदा ना करने पर उसे अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
न्यायालय ने पीड़िता को राहत एवं पुनर्वास के लिए राज्य सरकार से अधिकतम क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया।