सिद्धार्थनगर। जल जीवन मिशन में लापरवाही अब एजेंसियों को भारी पड़ेगी। जिले में चल रही पेयजल परियोजनाओं और शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता के संबंध में अमर उजाला की खबर का जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद अधिशासी अभियंता जलनिगम ने कार्यदायी एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। इसमें जहां भी पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, वहां युद्धस्तर पर सड़कों की मरम्मत का काम 10 दिवस में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जहां कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन जलापूर्ति बाधित है, उन्हें तत्काल चालू कराने और दो दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता करने पर उनके विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 762 पेयजल परियोजनाओं के निर्माण के साथ ही 7856 किमी पाइपलाइन बिछाने के साथ ही 3,05,993 घर को जोड़ते हुए नल (टोंटियां) लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इनमें 6214 किमी पाइपलाइन बिछाते हुए 2,61,702 घर को जोड़ते हुए नल लगाने के साथ ही पानी सप्लाई शुरू करने का विभाग ने दावा किया है। साथ ही जलापूर्ति शुरू हो चुके 476 परियोजनाओं में मात्र 224 परियोजनाओं पर वॉटरहेड टैंक का निर्माण हो पाया है। वहीं, 252 परियोजनाओं पर बिना वाटरहेड टैंक के ही पानी सप्लाई शुरू कर दी गई है। वहीं, पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई 2153 किमी सड़क में सिर्फ 1365 किमी सड़क की ही मरम्मत की गई है, जिससे क्षतिग्रस्त हो चुकी करीब आठ सौ किमी सड़क से गुजरने में ग्रामीणों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
इन समस्याओं को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाते हुए खबरें प्रकाशित की। इसके बाद जिलाधिकारी की सख्ती के बाद विभाग ने कार्यदायी एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही मामले में अधिशासी अभियंता जलनिगम ने जिलाधिकारी को निर्माण कार्य संबंधी रिपोर्ट भेज जानकारी दी है।
काम पूरा कर फोटो सहित मांगी आख्या : जलनिगम ने अमर उजाला में प्रकाशित धीमी गति से कार्य, सड़कों की मरम्मत न होने तथा जलापूर्ति बाधित होने के संबंध में वस्तुस्थिति की बिंदुवार आख्या दी है। जोगिया ब्लॉक के ग्राम नकाही और बढ़निया में सड़क खुदाई के बाद मरम्मत न होने की शिकायत का संज्ञान लेते हुए, संबंधित कार्यदायी फर्मों को कठोर चेतावनी जारी की गई है।
इसके साथ ही पाइपलाइन बिछाने के बाद अवशेष सड़कों का रेस्टोरेशन कार्य 10 दिवस के भीतर पूर्ण कर फोटोग्राफ सहित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अपूर्ण जलापूर्ति और हर घर नल के संबंध में जिन ग्रामों में गृह संयोजन का काम पूरा हो चुका है, वहां तत्काल ट्रायल रन कराकर जलापूर्ति सुचारू करने के लिए अवर अभियंताओं की टीम को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा गया है। तकनीकी खामियों को चिह्नित कर युद्धस्तर पर ठीक कराया जा रहा है।