घटना रात करीब साढ़े आठ बजे की है। राम दुलारे पुत्र सुकई के मकान की ऊपरी मंजिल पर उनकी बहू ज्ञानमती देवी खाना बना रही थीं। इसी दौरान गैस रेगुलेटर में अचानक आग लग गई। उन्होंने कपड़े से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग सिलेंडर तक पहुंच गई और लपटें तेजी से फैलने लगीं।
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने कथरी, गुदरी और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सिलेंडर लगातार धधकता रहा। स्थिति बिगड़ती देख सभी लोग मकान से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए।
कुछ ही क्षण बाद तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। विस्फोट की आवाज दूर तक सुनाई दी। मकान की दीवारें ढह गईं और ईंटें चारों ओर बिखर गईं। आग की चपेट में आकर घर का अधिकांश सामान भी नष्ट हो गया।
परिवार नीचे होने से बचीं जानें
हादसे के समय परिवार के अधिकांश सदस्य मकान के निचले हिस्से में मौजूद थे, जबकि खाना ऊपरी मंजिल पर बन रहा था। इसी वजह से सिलेंडर विस्फोट के बावजूद कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। घटना के बाद काफी देर तक दलित बस्ती में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।