चिल्हिया थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन दिन पहले एक युवती से उसके जीजा ने गांव के ही एक युवक के साथ मिलकर न सिर्फ दरिंदगी की, बल्कि अपनी करतूत छिपाने के लिए जाने से मारने की नियत से बेहरमी से पीट दिया। मरा हुआ मानकर उसे गांव के बाहर बाग में छोड़ दिया था। मामले की जांच हुई पुलिस ने आरोपी जीजा और उसके सहयोगी को जेल भेज दिया है।
बेटी की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में मौजूद वृद्ध हो चुके पिता की बूढ़ी आंखों से आंसू के अलावा मुंह से अल्फाज नहीं निकल रहा था, वह किसी को बोलते समय रो पड़ रहे हैं। कारण बिटिया को जो जख्म मिला, किसी गैर ने नहीं, बल्कि जिसे बेटे की तरह से मानते थे, उस दामाद से मिला है।
गांव में छाया मातम
वहीं पीड़िता के गांव में घटना के बाद हर तरफ गम का माहौल है। आरोपी की पत्नी और पीड़िता की बहन मायके में मौजूद है। उसका कहना था कि पति जब घर से निकला तो बोला की दावत में जा रहे हैं। लेकिन हमें क्या पता वह ऐसा कर देगा। उसकी इस करतूत से न तो ससुराल में सिर उठाने लायक बची और न ही मायके में। धब्बा देकर जेल चला गया, अब चार बच्चों की कैसे परवरिश करेंगे। बच्चों को भी हमेशा ताना सहना पड़ेगा। इसकी करतूत ने हमेशा के लिए हमारा सिर झुका दिया।