दीक्षांत समारोह में छात्र मेडल और प्रशस्ति पत्र देते राज्यपाल।
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति राम नाईक ने महात्मा बुद्ध की धरती पर स्थापित सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी को बुद्ध के समग्र अध्ययन का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की सहमति दी है। इसके लिए कुलपति को प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करने का निर्देश दिया। कहा कि प्रदेश सरकार इस पर गंभीर है। मुख्यमंत्री की खुद इसमें रुचि है। यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को सफलता के लिए शॉर्ट-कट से बचने और कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया।
समारोह में राज्यपाल ने सत्र 2015-16 व 2016-17 में स्नातक व परास्नातक के 52 मेधावियों को गोल्ड मेडल व 29 विद्यार्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया। साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय शिक्षक आवास संकुल का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल ने कहा कि देश ऐतिहासिक मोड़ पर है। वर्ष 2022 में दुनिया में सबसे ज्यादा युवा भारत में होंगे। भारत में युवाओं की सबसे बड़ी पूंजी है। इसका देश के लिए सही ढंग से उपयोग करना होगा। विफल हुए तो फिर आतंकवाद जैसी परिणति सामने होगी। विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि युवा गलत रास्ते पर न जाते हुए देश को विकास के रास्ते पर ले जाएं। यूनिवर्सिटी सिर्फ परीक्षा लेने की फैक्ट्री न बनें। ज्ञानवर्धन और अनुसंधान कर देश-दुनिया को नए विचार दें।
महात्मा बुद्ध के नाम पर स्थापना के चलते सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और अनुसंधान कैसे बढ़े इस पर विचार करना होगा, तभी उस महान व्यक्ति के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय की महत्ता को सार्थक कर पाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्तरप्रदेश को उत्तम से सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का संकल्प दिलाया और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को आत्मसात कर महात्मा बुद्ध की तरह पूरी दुनिया में छाने के लिए प्रेरित किया।
इसके पहले कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय ने यूनिवर्सिटी के दो वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र-छात्राओं को अनुशासनोपदेश देते हुए पूरी सत्य, निष्ठा और ईमानदारी से दायित्वों के निर्वहन की प्रतिज्ञा दिलाई। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित यूनिवर्सिटी को भारत-नेपाल के संबंधों की प्रगाढ़ता का सेतु करार दिया।
कार्यक्रम में पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वीके सिंह, जननायक चंद्रशेखर विवि बलिया के कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, पूर्व कुलसचिव डॉ. वीके पांडेय, वित्ताधिकारी अच्छेलाल यादव, उप कुलसचिव महेंद्र कुमार सहित सांसद जगदंबिका पाल आदि मौजूद रहे। संचालन शिवम शुक्ला व धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव बीएन सिंह ने किया।