सिद्धार्थनगर में रेलवे स्टेशन रोड पर बंद रही दुकानें।
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एक्साइज ड्यूटी में वृद्धि के खिलाफ सराफा व्यापारियों के आंदोलन के समर्थन में सोमवार को बाजार बंद का मिला-जुला असर रहा। नगर के कई क्षेत्रों में दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहीं। जो दुकानें सुबह बंद थीं, उनके ताले भी दोपहर बाद खुल गए। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंद का यही हाल रहा। आंदोलनरत व्यापारियों ने जुलूस निकाल प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से एक्साइज ड्यूटी में वृद्धि को वापस लेने की मांग की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने सराफा व्यापारियों के समर्थन में बंद का आह्वान किया था। नगर में सामान्य दिनों की तरह सुबह दुकानें खुलीं मगर पदाधिकारियों ने अनुनय-विनय कर दुकानें बंद करा दीं।
हालांकि कई क्षेत्रों में आह्वान का कोई असर नहीं था। सिद्धार्थ तिराहा, स्टेशन रोड, लुंबिनी रोड, ब्लॉक कार्यालय, तहसील गेट के समीप तमाम दुकानें खुली रहीं। व्यापारियों द्वारा बंद कराई गई दुकानें भी दोपहर 12 बजे के बाद खुल गई।
व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने माना कि बंद पूरी तरह सफल नहीं हो पाया। इसके लिए उन्होंने पदाधिकारियों के देर से सक्रिय होने को कारण बताया। कहा कि सराफा व्यापारियों के साथ बनी रूपरेखा में सुबह 9 बजे से सड़क पर निकल कर दुकानें बंद कराई जानी थी, लेकिन पदाधिकारी 11 बजे बाहर आए जिससे एक बार खुली दुकानों को बंद कराने में दिक्कत आई। वैसे मकसद सफल रहा है। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, महामंत्री अजय कसौधन, नगर अध्यक्ष संजय कसौधन, संजीत मद्धेशिया, हरदीप सिंह आदि शामिल रहे।