वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम छतहरी में चल रहे संगीतमय रामकथा का रविवार को समापन हुआ। भक्तिभाव में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने कथा का लाभ उठाया। आरती और भजन से वातावरण गुंजायमान रहा। कथा के अंतिम दिन सांसद जगदंबिका पाल ने पहुंचकर कथा व्यास का आशीर्वाद लिया।
कथा में संत विजय कौशल महराज ने माता-पिता की सेवा करना मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म बताया। कहा कि माता-पिता भगवान के स्वरूप हैं। उनके चरणों में ही सारे धाम हैं। जो माता-पिता की सेवा करेगा, उसे कहीं अन्यत्र भटकने की जरूरत नहीं है।
कथा में मौजूद डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने संत विजय कौशलजी का नमन करते हुए कहा कि आज मेरा जीवन धन्य हो गया। मुझे विश्वास नहीं था कि बुद्ध की पावन धरा पर संतजी क ी अमृत राम कथा सुनने का अवसर प्राप्त होगा। आयोजक राधारमण त्रिपाठी अतिथियों का आभार जताया। कथा में यजमान डॉ. अशोक त्रिपाठी रहे।भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, नपं अध्यक्ष बबिता कसौधन, भाजपा नेता
गोविंद माधव, हियुवा नेता सुभाष गुप्ता, नंदू गौड़, प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह, प्रधानाचार्य अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. सुमन शुक्ला, श्यामधनी राही, डॉ. उमेश चंद्र शुक्ल, ओपी सिंह, डॉ. सुशीला सिंह, आशीष शुक्ल, कृष्ण कुमार अग्रवाल, घनश्याम गुप्ता, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, कन्हैया पासवान, अनुपम शुक्ल, पूजा मिश्रा, अनिरुद्ध दुबे, अश्वनी अग्रहरी, हरिशंकर सिंह, शिवकुमार अग्रवाल, सरिता उपाध्याय, अराधना, सावित्री, नीलम, साधना, उर्मिला, प्रिया, शिल्पा, किरन, माया, रेखा, पुष्पा आदि मौजूद रहे।