बाढ़ बनेगा चुनावी मुद्दा, बचाव के वादे पर पीड़ित करेंगे वोट
परसा। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बढ़नी ब्लॉक के कई गांवों के लोग हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका से जूझते हैं। बार-बार बांधों की मरम्मत और कटान स्थलों पर बचाव कार्य के बावजूद, उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही। बाढ़ से प्रत्येक वर्ष जन और धन हानि झेल रहे किसानों को इससे निजात दिलाने की दिशा में किसी जनप्रतिनिधि ने गंभीरता नहीं दिखाई। पीड़ितों का कहना है कि इस बार विधानसभा चुनाव में बाढ़ ही उनके क्षेत्र का मुद्दा होगा। इससे निजात दिलाने वाले को ही लोग अपना समर्थन देंगे।
बढ़नी ब्लॉक के दक्षिणांचल में बूढ़ी राप्ती, घोरही व बानगंगा नदी के किनारे बसे हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं। बढ़नी ब्लॉक के तालकुंडा, खैरी शीतल प्रसाद, मटियार उर्फ भुतहवा, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा, बसहिया, बैदौली, खैरा बाजार आदि गांव, बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ से किसानों की फसलें नष्ट हो जाती हैं, संपर्क मार्ग कट जाते हैं और संक्रामक रोग फैल जाते हैं। बाढ़ पीड़ितों के मुताबिक हर चुनाव में प्रत्याशी उनके पास आते हैं और उनसे समर्थन व पक्ष में मतदान करने की अपील करते हैं।
जीतने के बाद केवल बाढ़ प्रभावित गांवों में पीड़ितों को लाई-चिउड़ा व राशन बांटकर अपना दायित्व पूरा कर लेते हैं। बाढ़ से बचाव का स्थायी उपाय नहीं किया जाता। विभाग की तरफ से बाढ़ के दौरान अस्थायी व्यवस्था की जाती है, लेकिन पीड़ितों को राहत नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि इस बार बाढ़, चुनाव में मुद्दा बनेगा, बांधों की सुरक्षा और कटान स्थलों पर स्थायी बचाव कार्य करवाने वाले प्रत्याशी को ही मतदान किया जाएगा।