नफरत की नहीं, राष्ट्रभक्ति की राजनीति करती है शिवसेना: आदित्य ठाकरे
: डुमरियागंज के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित हुई शिवसेना की जनसभा
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। शिवसेना के युवा प्रकोष्ठ प्रमुख एवं महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना नफरत की नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की राजनीति करती है। सभी धर्म और वर्ग के लोगों को एक साथ लेकर चलने का काम करती है, जिसका प्रमाण महाराष्ट्र में कई दलों के साथ बनी महाराष्ट्र सरकार है। डुमरियागंज स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर में शिवसेना प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को आदित्य ठाकरे संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जनता ने इस उम्मीद के साथ पूर्ण बहुमत से चुनाव जिताया था कि उनके सपने साकार होंगे, लेकिन भाजपा ने जो सपने जनता को दिखाएं, वे पूरे नहीं हुए। भाजपा सरकार में सिर्फ नफरत की बातें हुईं, सात साल की केंद्र व पांच साल की भाजपा की प्रदेश सरकार में जनता को डराने का काम किया गया, लेकिन उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश राम की भूमि है, यहां के लोग किसी से डरने, झुकने वाले नहीं है। भाजपा सरकार किसानों का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न और शोषण किया। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू और लॉक डाउन के समय महाराष्ट्र सरकार ने उत्तर भारतीय श्रमिकों और प्रवासियों की हर स्तर पर मदद की, जबकि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश बिहार के लिए आने वाली ट्रेनों को बंद कर दिया था। महाराष्ट्र सरकार ने उनका टिकट अपने खर्चे से देकर घर तक पहुंचाने का काम किया था।
व्यंग में कहा ईस्ट इंडिया कंपनी
शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि हमारा यूपी सिद्धार्थनगर से करीबी रिश्ता है, ईस्ट इंडिया कंपनी 10 मार्च के बाद कहीं नहीं दिखेगी, जिसकी शुरुआत डुमरियागंज और उत्तर प्रदेश से हो रही है। सभा को शिवसेना सांसद धर्मशील माने, प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, अनिल तिवारी, आनंद दुबे, विनोद सिंह, संदीप, शिवसेना प्रत्याशी राजू श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया। अनिल दुबे के संचालन में आयोजित सभा में राजू पाल, राम प्रकाश गौतम, राम अशीष पाठक, मनोज श्रीवास्तव, गुड्डन श्रीवास्तव, भोला श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
निशाने पर रही सिर्फ भाजपा
जनसभा के दौरान शिवसेना नेता एवं महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, प्रवक्ता संजय राऊत, प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी सहित सभी दिग्गज नेताओं ने अपने भाषण में भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों और जनविरोधी कार्यों की जमकर आलोचना की। संबोधन के दौरान ठाकरे ने एक बार सपा का नाम लिया जबकि पूरे संबोधन में कांग्रेस और बसपा का नाम लेना गवारा नहीं समझा। उनके शब्दों के बाण भाजपा पर जमकर चले।