बीएसए की हिदायत के बाद शिक्षामित्र संघ बैकफुट पर आ गया है। 29 जनवरी को बीएसए कार्यालय परिसर में होने वाले आंदोलन को गुरुवार की देर शाम स्थगित कर दिया गया।
हालांकि इस धरने के लिए जिला प्रशासन ने लिखित अनुमति भी दे दी थी। बावजूद संघ के आंदोलन वापस लेने को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।
शिक्षामित्रों, समायोजित शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने 29 जनवरी को बीएसए कार्यालय के समक्ष धरने का ऐलान किया था।
इसकी प्रति बीएसए को भी सौंपी थी। इसके बाद बीएसए अजय कुमार सिंह ने आंदोलन करने वाले संगठन की वैधता पर सवाल उठाते हुए पंजीकरण संबंधी दस्तावेज तलब कर लिए।
विभागीय निर्देशों का हवाला देते हुए हिदायत दी कि बिना मान्य संगठन के कोई धरना-प्रदर्शन कर कार्यालय के माहौल को खराब करने की कोशिश की गई तो संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।
इस हिदायत के बाद गुरुवार की शाम अचानक ने संघ ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला ले लिया, जबकि दोपहर में ही उन्हें जिला प्रशासन ने आंदोलन की हरी झंडी दे दी थी।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार शुक्ल व जिला महामंत्री श्याम बिहारी चौधरी ने संयुक्त रूप से बताया कि साक्ष्य जुटाने तक धरना अग्रिम अवधि तक स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने विभागीय अफसरों के रवैए पर खेद भी जताया।