ब्लॉक प्रमुख चुनाव से पहले सपा में बगावत के सुर फूट पड़े हैं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के विरोध में कुछ ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। ताजा मामला नौगढ़ ब्लॉक का है।
यहां से शफीक अहमद ने मैदान में उतरने का दावा किया है। शफीक नगर पालिका चेयरमैन जमील अहमद के भाई हैं। इस घोषणा के बाद पार्टी में खलबली मच गई है। पार्टी के दिग्गज डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं।
उनका दावा है कि चुनाव से पहले वह सब कुछ मैनेज कर लेंगे।नौगढ़ ब्लॉक में प्रमुख के अनारक्षित पद के लिए सपा में शुरू से ही दो दावेदार रहे हैं।
संजू सिंह और शफीक अहमद का नाम जिले के पैनल ने लखनऊ भेजा था। दोनों ने ही पूरे दमखम से मैदान में उतरने की तैयारी भी शुरू कर कर दी थी।
अंतिम समय में नेतृत्व ने संजू सिंह के नाम पर मुहर लगाते हुए बतौर प्रत्याशी मैदान में उतरने की सहमति दे दी है। इस घोषणा के बाद से ही शफीक अहमद का खेमा मायूस हैं।
उम्मीद जताई जा रही थी कि पार्टी का टिकट कैंसिल होने के बाद उनकी दावेदारी खत्म हो गई है। दूसरा खेमा निर्विरोध जीत की उम्मीद में आह्लादित था।
इस बीच शफीक अहमद ने भी बागी के रूप में मैदान में उतरने की दावेदारी पेश कर दी है। उन्होंने बहुमत के सदस्यों के साथ होने का दावा भी किया है।
बकौल शफीक बीडीसी सदस्यों की मर्जी है कि वह चुनाव लड़ें, ऐसे में वह पीछे नहीं हटेंगे। वैसे भी बीडीसी का चुनाव किसी सिंबल पर नहीं हुआ है। ऐसे में बगावत का सवाल ही नहीं है।
इस घोषणा के बाद पार्टी के अंदरुनी हलचल तेज हो गई है। जिला पंचायत की तरह ही जिले के अधिकांश ब्लॉकों में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनाने का सपना देख रही सपा को अपने ही लोगों से कड़ी चुनौती मिलती नजर आ रही है। फिलहाल पार्टी के दिग्गजों ने इस पर चुप्पी साध ली है। उनका कहना है कि चुनाव से पहले सब कुछ मैनेज हो जाएगा।