शाहपुर/सिद्धार्थनगर। पौधरोपण अभियान में पौधों की संख्या बढ़ाने के साथ यह तय करना भी जरूरी है कि पेड़ कहां लगाए जाएं, ताकि उसका लाभ सबसे अधिक लोगों तक पहुंच सके। अमर उजाला के विशेष अभियान ‘मिशन छांव’ के तहत डुमरियागंज तहसील मुख्यालय की पड़ताल में ऐसे कई स्थान सामने आए, जहां लोगों को वर्षों से छायादार पेड़ों का इंतजार है।
तहसील मुख्यालय होने के कारण डुमरियागंज में प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है। मंदिर चौराहा, प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में लोग वाहनों के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं लेकिन गर्मी के मौसम में उन्हें राहत देने के लिए पर्याप्त छांव उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधरोपण अभियान में इन स्थानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मंदिर चौराहा : भीड़ बहुत लेकिन छांव का सहारा नहीं : डुमरियागंज का मंदिर चौराहा कस्बे का प्रमुख केंद्र है।
यहां से लोग विभिन्न मार्गों के लिए वाहनों का इंतजार करते हैं लेकिन चौराहे पर एक भी बड़ा छायादार वृक्ष नहीं होने से राहगीरों को तपती धूप में खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय दुकानदार रमेश अग्रहरि कहते हैं कि मंदिर चौराहे पर दिनभर लोगों की भीड़ रहती है। गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और महिलाओं को होती है। यहां पेड़ लगाए जाएं तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
मंदिर चौराहा से राप्ती सेतु तक : आबादी बढ़ी, हरियाली पीछे छूटी : मंदिर चौराहे से इटवा मार्ग होते हुए राप्ती सेतु तक आबादी का विस्तार हुआ है। सड़क किनारे मकान और दुकानें तो बढ़ीं लेकिन छायादार पेड़ों की संख्या नहीं बढ़ सकी। लंबे हिस्से में गिने-चुने पेड़ ही नजर आते हैं। राहगीर अशोक कुमार बताते हैं कि इस मार्ग पर रोज हजारों लोग चलते हैं।