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Siddharthnagar News: तौलिहवा जेल से भागे सात कैदी खुनुवां बाॅर्डर से पकड़े गए

Thu, 11 Sep 2025 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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तौलिहवा जिला जेल से बाहर निकलते कैदी व  तोड़फोड़ आगजनी करते बंदी। स्रोत सोशल मीडिया
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सिद्धार्थनगर/खुनुवां। नेपाल में सरकारी भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया के विरोध में भड़की हिंसा से जन और धन की भारी क्षति के बाद सेना ने कमान संभाल ली है। बुधवार को सड़कों पर सेना उतर गई और मार्च शुरू कर दिया। वहीं, भारतीय सीमा को सील कर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
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नेपाल में सेना और भारतीय क्षेत्र में एसएसबी, पुलिस के अलावा पीएसी तैनात कर दी गई है। उपद्रव के बाद खुनुवां बाॅर्डर से 11 किलोमीटर दूर तौलिहवा जेल से फरार हुए सात कैदी नेपाल और भारत की सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से खुनुवां बाॅर्डर से पकड़ लिए गए।
वहीं, बढ़नी बॉर्डर पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। नेपाल के कृष्णानगर की बाजार ठप रही। गुलजार गलियां में सन्नाटा छाया रहा। वहीं, नेपाल में सेना अलर्ट नजर आई। हालांकि, कर्फ्यू जैसी स्थिति देखने को मिली। यही स्थिति अलीगढ़वा और ककरहवा बाॅर्डर की भी रही। हर तरह सेना और फोर्स मुस्तैद नजर आई। वहीं, डीएम ने शोहरतगढ़ और नौगढ़ तहसील के लिए नेपाल में फंसे लोगों के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी कर दिया है।
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खुनुवां बॉर्डर पर अधिकारियों ने सुरक्षा का लिया जायजा
खुनुवां बाॅर्डर से लगे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के तौलिहवा कारागार से फरार सात कैदियों की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को भारत-नेपाल सीमा खूनुवां पर सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया गया। नेपाल में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और जेल तोड़कर भागने की घटना ने सीमा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उपद्रव के बीच जान के खतरे की आहट को देखते हुए बुधवार की सुबह तौलिहवा जेल में बंद कैदी मुख्य द्वार तोड़कर फरार हो गए थे। सभी कैदी हत्या, दुष्कर्म, मादक पदार्थ व चोरी जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से जेल में बंद थे। फरारी के बाद वे खुनुवां बॉर्डर से भारत की सीमा में दाखिल होने का प्रयास कर रहे थे।
संयुक्त कार्रवाई में एसएसबी और पुलिस चौकी खुनुवां ने सभी कैदियों को दबोच लिया और शोहरतगढ़ थाने में विधिक कार्रवाई के लिए भेज दिया। एडिशनल एसपी प्रशांत कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सीमा पर तैनात जवानों को चौकसी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नेपाल की आंतरिक परिस्थितियों का सीधा असर भारत की सीमा पर देखने को मिलता है। ऐसे में सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीमा क्षेत्र में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। वहीं प्रशासन का दावा है कि पूरी सतर्कता के साथ सीमा पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।
बाॅर्डर पर अलर्ट, अधिकारियों का दौरा जारी
नेपाल में बढ़ते तनाव और हिंसक झड़प को देखते हुए बाॅर्डर पर निगरानी तेज हो गई है। नेपाल में सेना ने कमान संभाल ली है। बाॅर्डर तक नेपाली सैनिक लग गए है। वहीं, खुनुवां बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों के अलावा पुलिस और बाद में पीएसी को तैनात कर दी गई। अगर कोई नेपाल से आ रहा है तो पहचान पत्र देखने के साथ ही गहन जांच की जा रही है। नेपाल जाने के लिए बाॅर्डर पर पहुंचने वालों को लौटा दिया जा रहा है। बॉर्डर सुरक्षा की मजबूती परखने के लिए एडिशनल एसपी प्रशांत कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी पवीन कुमार, एसएचओ शोहरतगढ़ संतोष कुमार तिवारी, चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार त्रिपाठी तथा 43वीं वाहिनी एसएसबी खुनुवां कैंप के सहायक कमांडेंट जसवंत कुमार, इंस्पेक्टर नीलाक्स भूयान, सब इंस्पेक्टर रामकुमार मौके पर पहुंचे और सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीमा चौकियों की स्थिति, गश्त व्यवस्था और सुरक्षा में तैनात जवानों की सतर्कता का जायजा लिया।
तौलिहवा जिला जेल में बंद थे 470 कैदी
खुनुवां सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के तौलिहवा जिला जेल में विभिन्न मामलों में कुल 470 कैदी बंद थे। कैदियों को देश में आंदोलन की जानकारी होने के बाद जेल की दीवार और मेन गेट तोड़कर भाग गए। इस संबंध में चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार त्रिपाठी व सहायक कमांडेंट जसवंत कुमार ने बताया कि सभी फरार कैदी भारत-नेपाल सीमा के खूनुवां बॉर्डर के पास पगडंडी रास्ते से गुप्त तरीके से प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान एसएसबी और पुलिस चौकी खुनुवां की संयुक्त तत्परता से सातों कैदियों को दबोच लिया गया। फिलहाल पकड़े गए कैदियों को शोहरतगढ़ थाने लाकर आवश्यक विधिक कार्यवाही कर एसएसबी फिर नेपाल पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
ये कैदी पकड़े गए
हीरालाल पत्थरकट (30) निवासी ग्राम जहदी, थाना पिपरा, जनपद कपिलवस्तु (नेपाल), छेड़खानी के मामले में 3 माह से बंद। हशमत अली (25) पुत्र वारिस अली, निवासी वार्ड नंबर 8 नगर पंचायत शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर-मादक पदार्थ अधिनियम में 3 माह से बंद। गोरखनाथ यादव (40 ) पुत्र रामशंकर यादव, निवासी मदरहना उर्फ रामनगर मटियारिया, थाना कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर-एनडीपीएस मामले में बंद। सोनू चौधरी (30) पुत्र बैजनाथ पटेल, निवासी अहिरौली नौका टोला, थाना खड्डा, जनपद कुशीनगर-चोरी के आरोप में 3 माह से बंद। सूरज चौधरी (29) पुत्र रामचन्द्र कुर्मी, निवासी जहदी वार्ड नंबर 11, थाना पिपरा, कपिलवस्तु (नेपाल) मादक पदार्थ मामले में 19 माह से बंद। शकिल दर्जी (24 ) पुत्र स्व. हैदर अली, निवासी नीबी दोहनी, थाना शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर-ब्राउन शुगर मामले में 56 माह से बंद। सलाहुद्दीन (35) पुत्र मगरे मुसलमान, निवासी चरिगांवा, थाना गौरसिंघिया, कपिलवस्तु (नेपाल)-दुष्कर्म के मामले में 54 माह से बंद।
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