सिद्धार्थनगर। परिवहन विभाग की अधिकांश सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस मोड में उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद आरटीओ कार्यालयों में लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। लाइसेंस, आरसी, परमिट और अन्य कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोग आज भी कार्यालय पहुंच रहे हैं, जबकि इनमें से अधिकांश सेवाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल सकती हैं।
केंद्र सरकार की पहल पर उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की 49 सेवाएं फेसलेस मोड में संचालित की जा रही हैं। इनमें वाहन पोर्टल की 20 और सारथी पोर्टल की 29 सेवाएं शामिल हैं। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं और संबंधित प्रमाणपत्र व अनुमतियां डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
इसके बावजूद, आरटीओ कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इसका मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी और डिजिटल प्रक्रिया को लेकर असहजता है। कई आवेदकों को यह जानकारी ही नहीं है कि उनकी आवश्यक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। वहीं, कुछ लोग दस्तावेज अपलोड करने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई महसूस करते हैं, जिसके चलते वे सीधे कार्यालय या जनसेवा केंद्रों का रुख करते हैं।
फेसलेस सेवाओं में लर्नर लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस, आरसी में पता परिवर्तन, डुप्लीकेट आरसी, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट, वाहन परमिट जारी करना और उसका नवीनीकरण सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। विभाग का मानना है कि, इन सेवाओं के अधिक उपयोग से लोगों का समय और धन दोनों बचेंगे तथा कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी।
संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन ने बताया कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बिना कार्यालय आए सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आधार आधारित फेसलेस सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें और ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ उठाएं।
घर बैठे हो सकते हैं ये काम
- लर्नर लाइसेंस के लिए आवेदन
- ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण
- डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना
- आरसी में पता परिवर्तन
- डुप्लीकेट आरसी जारी कराना
- अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवाना
- वाहन परमिट जारी कराना व नवीनीकरण
- कंडक्टर लाइसेंस संबंधी सेवाएं