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452 लेखपालों के विरूद्ध ब्रेक इन सर्विस को नोटिस

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452 लेखपालों के विरुद्ध ब्रेक इन सर्विस का नोटिस
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जिले में कार्यरत 540 लेखपालों में 513 हैं हड़ताल पर
अब तक पांच तहसीलों के 24 लेखपालों को किया जा चुका है निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की पांचों तहसीलों में हड़ताल कर रहे 452 लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस निर्गत किया गया है। जबकि अब तक हड़ताल में अगुवाई कर रहे 24 पदाधिकारियों को निलंबित करते हुए उन्हें आरोप पत्र दिया गया है।
पिछले कई दिनों से अपने कार्य से विरत होकर तहसील मुख्यालय और उसके बाद जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे लेखपालों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिले की पांचों तहसीलों में कार्यरत 540 लेखपालों में 513 लेखपाल हड़ताल पर हैं। इनमें नौगढ़ तहसील के 109, बांसी के 160, डुमरियागंज 80, इटवा के 95 व शोहरतगढ़ के आठ लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस निर्गत किया गया है। इसके अलावा जिला व तहसील स्तरीय पदाधिकारियों में शामिल नौगढ़, बांसी व डुमरियागंज के चार-चार, इटवा के सात व शोहरतगढ़ के पांच लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है। डीएम दीपक मीणा ने कहा कि नियमविरुद्ध तरीके से हड़ताल में शामिल होकर जो भी लेखपाल अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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लेखपालों ने हर स्तर पर संघर्ष करने की हुंकार भरी
कलेक्ट्रेट परिसर में आठ सूत्री मांगों को लेकर आठवें दिन भी धरना
प्रशासन आज कर सकता है बड़ी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा लेखपालों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर अपनी बात रखी। लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें कोई भी आश्वासन नहीं मिला। हालांकि, प्रशासन अब तक 12 लेखपालों पर निलंबन की कार्रवाई कर चुकी है। बताया जाता है कि एक से दो दिनों के अंदर प्रशासन और बड़ी कार्रवाई कर सकती है। इसके लिए डीएम ने सभी एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, लेखपाल संघ अपनी मांगों को लेकर अडिग है।
वक्ताओं ने कहा कि लगातार आंदोलन के बाद भी सरकार लेखपालों की जायज मांगों को मानने के बजाए उनका उत्पीड़न कर रही है। ऐसे में लेखपाल में अपनी जायज आठ सूत्री मांगों के लिए हर स्तर पर उतरकर संघर्ष करने को तैयार हैं। आठ सूत्री मांगों में शामिल पुरानी पेंशन बहाली, पे बैंड 2800 करने, वेतन विसंगति दूर किए जाने, लेखपाल का पद नाम बदलने आदि जायज मांगों को सरकार को तुरंत मान लेना चाहिए, तभी आंदोलन बंद होगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, जिलामंत्री राम समुझ, हरिश्चंद्र, देवानन्द, रामकुबेर, अरुण श्रीवास्तव, रामकरन गुप्ता, इफ्तखार अहमद, सुधीर श्रीवास्तव, अनूप यादव, आशीष संगम, परमेश्वर, पूजा, प्रिया, पिंकी, सुधा आदि उपस्थित रहीं।
‘ब्रेड पकौड़ा और पनीर पकौड़ा खाकर चले जाते हैं’
लेखपालों का चल रहा धरना अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। खुले मंच से लेखपाल संघ चंदे की बात कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को कह रहा था। 130 की जगह 80 लेखपाल अब तक 500-500 रुपये चंदा दिए हैं। यह बात जब खुले मंच से लेखपालों ने कही तो हर जगह यह चर्चा होनी लगी कि आखिर चंदा किस बात का लिया जा रहा है। बात यहीं तक नहीं रुकी। एक लेखपाल ने तो बाकायदा मंच से यह भी कहा कि कुछ लेखपाल सिर्फ ब्रेड और पनीर पकौड़ा खाने आते हैं और चेहरा दिखाकर चले जाते हैं।
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12 लेखपाल हुए निलंबित
सिद्धार्थनगर। डीएम के निर्देश पर सोमवार को धरना दे रहे 12 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। नौगढ़ तहसील से गिरीश चंद्र मिश्र, बिंदुसार मौर्य, शोहरतगढ़ से सुनील सिंह, दिवाकर चौधरी, बांसी से उपेंद्र राठौर, असलम परवेज, डुमरियागंज गंगोत्री प्रसाद पांडेय, राजीव गुप्ता, इटवा से जगन्नाथ मिश्र, सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, जितेंद्र यादव और राजाराम को निलंबित किया गया है।
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