आत्मनिर्भर महिला बेहतर समाज का निर्माण करती है : एसओ
‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से शिवाजी इंटर कॉलेज मुड़ली लोटन में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
लोटन। आत्मनिर्भर महिला ही समाज को बेहतर दिशा दे सकती है। वर्तमान दौर महिला और पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने का है। ऐसे में जरूरी है कि युवतियों और महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए। यह बात लोटन कोतवाली प्रभारी रामआशीष यादव ने बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से शिवाजी इंटरमीडिएट कालेज मुड़ली में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में कही। पाठशाला में छात्राओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। इस दौरान 40 छात्राएं मौजूद रहीं।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोतवाली प्रभारी रामआशीष यादव ने कहा कि महिला असुरक्षा व घटनाओं के प्रति देश व प्रदेश की सरकारें गंभीर थीं। इसलिए शासन ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली विभिन्न प्रकार की आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। महिला व छात्राओं को जब लगे कि वह असुरक्षित हैं तो 1090, 100, 108 या 101 पर तुरंत सूचना दें। तत्काल सहायता मिलने के साथ आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर बाहर जाने व नजदीक रिश्ते में भी शोषण हो रहा है तो तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। महिला पुलिस किरन यादव ने बताया कि यदि कोई मोबाइल पर या सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करता है तो बिना डरे पुलिस के सूचना दें। सोशल मीडिया का जमाना है। हैकर तमाम उल्टी सीधी बात कर आप के बैक खाते, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पिन कोड जानने का प्रयास कर आपके खाते से धन निकाल सकते हैं, किसी से भी अपनी जानकारी शेयर न करें। सभी को यातायात नियमों का पालन करने की भी सीख दी गई। प्रधानाचार्य रामगोपाल यादव ने कहा कि नारी शक्ति कमजोर नहीं है देश के हर क्षेत्र में अग्रणी है। नारी अपनी पहचान खुद बना सकती है। अध्यापक से लेकर पायलेट व लोकसभा स्पीकर, राष्ट्रपति तक महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर चुकी है। इतने उच्च पदों पर पहुंचना महिलाओं का स्वयं के संघर्ष का नतीजा है। इस मौके पर शिक्षक धीरेंद्र नाथ चौबे, शशिकांत पांडेय, देवेंद्र नाथ पांडेय, त्रिवेणी प्रसाद, पवन पांडेय, अष्टभुजा पाठक, शशिमौल त्रिपाठी, विनोद पांडेय, बागेश्वरी मिश्र समेत सभी शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जब छात्राओं से बातचीत की गई तो उनके विचार खुलकर सामने आए। छात्रा सलोनी पांडेय ने कहा कि पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में जो जानकारी दी गई। उससे हम सभी लड़कियों का मनोबल ऊंचा हुआ है। दिल में किसी प्रकार का कोई भय अब नहीं रह गया। छात्रा लक्ष्मी यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांवों में भी आयोजित होनी चाहिए। क्योंकि गांवों में पति, ननद, सास, ससुर द्वारा भी महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाएं की जाती हैं। नियम कानून की जानकारी होने पर वह अपने अधिकारों के प्रति लड़ सकेंगी। छात्रा पूनम ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के साथ खेलकूद व अन्य तरह की प्रतियोगिताओं में भी अपने कॅरियर की खोज करनी चाहिए। जिससे हम भी समाज में अपनी पहचान बना सके। छात्रा निशा वर्मा ने कहा कि पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में महिला अधिकारों की जो जानकारी मिली है वह मैं अपनी सहेलियों में भी बांटूंगी ताकि सभी को अपने अधिकार का पता चले।