सिद्धार्थनगर। एसएसबी 43वीं वाहिनी के जवानों ने अलीगढ़वा सीमा चौकी पर संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार की शाम नेपाल की ओर जा रहे मोहम्मद सैफ (17) और एक नाबालिग लड़की को संदिग्ध दिखने पर रोक लिया। संभावित मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए पूछताछ के बाद एएचटीयू को जांच के लिए सौंप दिया है।
एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी अलीगढ़वा के जवान बाॅर्डर पर जांच में लगे थे। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात जवानों की नजर एक लड़का और लड़की पर पड़ी, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं। पूछताछ करने पर दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे जवानों का संदेह और गहरा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चेकपोस्ट प्रभारी ने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ ही मानव सेवा संस्थान, ककरहवा और मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) को अलर्ट किया। इसके बाद संयुक्त टीम ने दोनों को अलग-अलग लेकर गहन पूछताछ की।
पूछताछ में लड़के ने अपना नाम मोहम्मद सैफ (17), निवासी सिद्धार्थनगर बताया। उसने स्वीकार किया कि उसकी पहचान लड़की से फोन के माध्यम से हुई थी और दोनों नेपाल के बुटवल घूमने के उद्देश्य से जा रहे थे। हालांकि, लड़की के नाबालिग होने और परिस्थितियों के संदिग्ध होने के कारण अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और मानव तस्करी की आशंका से इन्कार नहीं किया। नाबालिगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एसएसबी ने दोनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू), उत्तर प्रदेश पुलिस, सिद्धार्थनगर को सुपुर्द कर दिया। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।