सिद्धार्थनगर। पाकिस्तान पर हुई एयर स्ट्राइक के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बॉर्डर पर जहां सुरक्षा एजेंसियां 24 घंटे जांच कर रही हैं। वहीं, संदिग्धों की गतिविधियों पर भी नजर है। सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती जनपद सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महराजगंज आदि जनपदों में राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसी ने बाॅर्डर पर डेरा डाल दिया है।
बताया यह भी जा रहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में देशविरोधी गतिविधियों में पूर्व में पकड़े गए संदिग्धों और उनके जान-पहचान और संपर्क में आने वालों की सक्रियता भी देखी जा रही है। आशंका यह जताई जा रही है कि पाकिस्तान आंतरिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
सीमावर्ती इलाके में नेपाल में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन से लोग पकड़े जा चुके हैं। नेपाल में बैठकर देश विरोधी गतिविधि संचालित करने की बात भी जांच में सामने आ चुकी है।
ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अलग-अलग जनपद में डेरा डाला है। वहीं, बार्डर पर अभी 24 घंटे जांच और सर्च अभियान चल रहा है। जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बॉर्डर से लगती है। बॉर्डर पूरी तरीके से खुला हुआ है। इसी का नतीजा है कि पगडंडियों के साथ मुख्य रास्ते से घुसपैठ की जाती है। पिछले कई साल से खुली सीमा पर विदेशी नागरिकों की आमद बढ़ गई है।
बॉर्डर पर की जा रही जांच : ओपन बाॅर्डर होने के कारण सीमा पर सुरक्षा एजेंसी जांच कर रही थीं। एसएसबी, पुलिस और पीएसी के अलावा नेपाल पुलिस और सशस्त्र बल की टीम लगातार जांच कर रही हैं। खुफिया एजेंसी सक्रिय हैं। वहीं, सुरक्षा से जुड़े सूत्रों की माने तो राज्यस्तर की जांच एजेंसी सीमावर्ती जनपद सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महराजगंज आदि जनपदों ने संदिग्धों पर नजर रखने के लिए जिम्मा सौंपा गया है जो बाॅर्डर क्षेत्र में पिछले कुछ माह और समय से सक्रिय लोगों के बारे में जानकारी ले रही हैं। साथ ही किसके यहां बाहरी लोगों का आना-जाना रहता है, इस पर भी नजर है। वहीं, पूर्व में देशविरोधी गतिविधि में पकड़े गए संदिग्धों की मौजूदा गतिविधि क्या है, परिवार और उनसे मिलने जुलने वालाें का मूवमेंट क्या है, इसके बारे में भी जानकारी ली जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि पिछले चार दिन से राज्य स्तरीय एजेंसी के लोग डेरा डाल रखा है। कोई संदिग्ध किसी भी हाल में नुकसान नहीं पहुंचाने पाए, इसकी पूरी कोशिश है।