ग्राम पंचायतों में स्वच्छ शौचालय के निर्मांण में बरती गई शिथिलता पर जिलाधिकारी के कड़े तेवर का असर मंगलवार को देखने को मिला। डीपीआरओ ने ब्लाक क्षेत्र के बहेरिया गांव का दौरा कर शौचालय व्यवस्था का हाल जाना साथ ही मातहतों को कड़ी फटकार लगाई।
इस दौरान लापरवाही में सेक्रेट्री को निलंबित कर दिया गया। लोटन ब्लाक के भी एक सेक्रेट्री के निलंबन की कार्रवाई की गई है। डीपीआरओ के निरीक्षण के दौरान पुराने प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही व मनमानी खुलकर सामने आई। गांव में शौचालय निर्माण के लिए आया पैसा डंप पड़ा रह गया, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही व शिथिलता के चलते ग्रामीणों को उसका लाभ नही मिल पाया।
लगभग चार बजे बहेरिया गांव में पहुंचे डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी सचिन्द्र्रनाथ पाठक व पुराने प्रधान से स्वच्छ शौचालय निर्माण के बारे में जानकारी मांगी तो पता चला कि एक लाख 38 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए आया था, लेकिन किसी भी ग्रामीण को उसका लाभ नहीं मिला।
जिस पर डीपीआरओ ने सचिन्द्रनाथ पाठक को शिथिलता बरतने पर फटकार लगाई। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान बहेरिया दिलीप पांडेय ने डीपीआरओ से बताया कि कई बार उन्होंने सेक्रेट्री से ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के लिए आया पैसा अवमुक्त करने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नही हुई।
उन्होंने बताया कि अब नये सिरे से ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के लिए सरकारी लाभ दिया जाएगा। डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने बताया कि बहेरिया में जांच के दौरान पुराने प्रधान व तत्कालीन सेक्रेट्री की लापरवाही की जानकारी मिली है। धन आने के बाद भी निर्माण नहीं कराया गया। इन्हें निलंबित कर दिया गया है। उधर, कार्यों में लापरवाही पर लोटन ब्लाक के सेक्रेट्री रमाशंकर सिंह के विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।