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सीसीटीवी व वीटीएस सिस्टम से लैस होंगे स्कूली वाहन

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सीसीटीवी व वीटीएस सिस्टम से लैस होंगे स्कूली वाहन
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जिले के सभी स्कूल संचालकों को एआरटीओ ने दिया निर्देश
चालक समेत बच्चों की सीट पर भी लगानी होगी सीट बेल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब किसी भी तरह के हादसों से बचने के लिए स्कूली वाहनों के अंदर की गतिविधि और लोकेशन आसानी से ट्रेस हो सकेगा। एआरटीओ ने जिले के सभी स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरा व व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाने के लिए स्कूल संचालकों को एक सप्ताह का वक्त दिया है।
जिले में 450 छोटे व बड़े स्कूली वाहनों का संचालन अब और सुरक्षित हो जाएगा। उत्तर प्रदेश मोटर यान 26वां संशोधन नियमावली 2019 के तहत स्कूली वाहनों के लिए सख्त नियम लागू किए गए है। इसके तहत प्रत्येक स्कूली वाहन में चालक समेत सभी बच्चों के सीट पर भी सीट बेल्ट लगाया जाना है। साथ ही स्कूली वाहनों की गति पर भी लगाम लगाते हुए 40 किमी से अधिक नहीं होगी। स्कूली वाहनों में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे की मानीटरिंग स्कूल से किया जाएगा। इसके साथ ही यान लोकेशन ट्रैकिंग यंत्र (वीटीएस) से वाहन का लोकेशन भी ट्रेस किया जाएगा। वाहन में फर्स्ट-एड बॉक्स व पांच किग्रा का बीआईएस मार्क का अग्रिशामक यंत्र होगा। इसके अलावा स्कूली वाहन में आपातकालीन खिड़की अवश्य होनी चाहिए। सीएनजी वाहन में सिलेंडर के ऊपर कोई भी सीट नहीं होगी। सभी सीटों के नीचे रैक होगी ताकि छात्र बैग रख सके। स्कूली वाहनों के पायदान पर हैंडरेल भी लगी होगी, जिसे पकड़ कर छात्र चढ़ और उतर सके। एआरटीओ प्रवर्तन पीके सरोज का कहना है कि स्कूली वाहनों की जांच करने के साथ ही उन्हें निर्धारित मानकों को एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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वाहन के साथ रहेगा ब्लड ग्रुप की सूची
ड्राइवर या परिचर के पास प्रधानाचार्य से प्रमाणित स्कूली वाहन से यात्रा करने वाले छात्रों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप आदि की सूची के साथ संबंधित मार्ग का विवरण होना होगा। वाहन में एक मोबाइल अवश्य होना चाहिए ताकि आकस्मिक स्थिति में बच्चों की सुरक्षा संबंधी सूचना स्कूल संचालक को दी जा सके।
ड्राइवर और परिचर का ड्रेस कोड निर्धारित
स्कूली बस के ड्राइवर को खाकी शर्ट व फुल पैंट धारण करेगा, साथ ही नाम व मोबाइल नंबर सहित नेम प्लेट लगाएगा। परिचर को नेवी ब्लू कलर का शर्ट व फुल पैंट पहनेगा साथ ही नाम व मोबाइल नंबर सहित नेम प्लेट लगाएगा इसके अलावा स्कूली वैन के ड्राइवर को स्लेटी कलर का शर्ट और पैंट धारण करना होगा।
वाहनों के संचालन को होंगी दो समितियां
वाहनों के संचालन को लेकर जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति होगी। इसके अध्यक्ष डीएम होंगे, साथ ही एसपी उपाध्यक्ष, एआरटीओ सचिव और डीआईओएस, बीएसए, नगर निकाय के ईओ आदि सदस्य होंगे। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय में भी विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति गठित होगी।
मानक विहीन वाहनों का हो रहा संचालन
जिले में मानक विहीन स्कूली वाहन का संचालन चरम पर है। इस कारण जिले में कई स्कूली वाहन दुर्घटना के शिकार हुए है। एक वर्ष पूर्व उसका में स्कूली वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई बच्चे घायल हो गए थे। अभी कुछ दिनों पहले बांसी में स्कूली बच्चों से भरा टेंपो पलट गया था, जिसमें भी बच्चे घायल हो गए थे। मानक विहीन स्कूली वाहनों के संचालन से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की सांस अटकी रहती है।
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सभी स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए निर्धारित मानक के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराई जानी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान जो स्कूल वाहन निर्धारित मानक को पूरा नहीं करते नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आशुतोष शुक्ल, एआरटीओ प्रशासन
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