सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मामले में सीएम कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र, विशेष सचिव ने डीएम से रिपोर्ट तलब की
डीएम के निर्देश पर मामले की जांच करेंगे रजिस्ट्रार, परियोजना प्रबंधक
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। नेपाल सीमा से सटे कपिलवस्तु में स्थापित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को मुख्यालय और वहां एसएसबी कार्यालय शिफ्ट करने के मामले में सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसके बाद सीएम के विशेष सचिव ने डीएम से जांच रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक और विवि के रजिस्ट्रार को निर्देशित किया है।
लगभग चार वर्ष पूर्व अति पिछड़े जिलों में शामिल सिद्धार्थनगर में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को मुख्यालय से सटे कटया में एसएसबी के लिए आवंटित भूमि में भवन बनाकर विवि का संचालन और निर्मित विवि के भवन में एसएसबी कार्यालय में तब्दील करने के लिए प्रयासरत सांसद जगदंबिका पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि 4 वर्ष बाद भी विवि में छात्रों की संख्या मात्र 100 ही है, क्योंकि आवागमन के लिए कोई साधन न होने के कारण छात्रों एवं अभिभावकों को काफी कठिनाई हो रही है। जनहित में शिक्षा शहरी क्षेत्र में व बॉर्डर सुरक्षा के लिए भवन बॉर्डर पर होना चाहिए। जबकि एसएसबी का कार्यालय मुख्यालय के निकट बनने जा रहा है। यदि विश्वविद्यालय का भवन एसएसबी को हस्तांतरित कर दिया जाय और एसएसबी कार्यालय की भूमि विश्वविद्यालय को दे दिया जाए, सार्थकता सिद्ध हो जाएगी।
इस मामले में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मामले की जांच विवि के निर्माण संबंधी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक और विवि के रजिस्ट्रार को संयुक्त रूप से सौंपी है।