रैंकिंग में अच्छा अंक पाने वाले विद्यालय ही बनेंगे परीक्षा केंद्र
बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने तय किए मानक
परीक्षा केंद्र के लिए जिले में 201 विद्यालयों ने किया है आवेदन
तहसील स्तर पर एसडीएम की निगरानी में गठित टीम करेगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा में इस बार बेहतर रैंकिंग पाने वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। बोर्ड की ओर से तय किए गए मानक पूरा नहीं करने वाले या कम रैंकिंग पाने वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने से वंचित रह सकते हैं।
जिले में 201 विद्यालय संचालकों ने अपने विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए बोर्ड के पोर्टल पर आवेदन किया है। उनकी जांच तहसील स्तर पर एसडीएम की निगरानी में गठित टीम ने शुरू कर दी है। एसडीएम ऑनलाइन रिपोर्ट देंगे, इसके बाद बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाएगा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए मानक तय करते हुए जांच रिपोर्ट मांगी है। जो केंद्र तय मानक को पूरा करेंगे, उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए विभागीय जिम्मेदारों ने लिखा-पढ़ी तेज कर दी है। डीआईओएस अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि बोर्ड पर आवेदन करने वाले विद्यालयों की जांच शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट बोर्ड के पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। इसके बाद वहां के निर्देशानुसार केंद्र का निर्धारण होगा।
जांच करने वाली टीम में शामिल हैं ये लोग
आवेदन करने वाले विद्यालयों की जांच के लिए पांच तहसीलों में वहां के एसडीएम, तहसीलदार, सहायक अभियंता, जिला विद्यालय निरीक्षक और एक प्रधानाचार्य को नामित किया गया। इनके द्वारा जांच करके रिपोर्ट बोर्ड के पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। आगे का निर्णय बोर्ड द्वारा लिया जाएगा।
इन मानकों की होगी जांच
विद्यालय वायस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे से लैस हों। रिकॉर्डिंग के लिए डीवीआर तथा नकलविहीन परीक्षा कराए जाने के लिए वेबकास्टिंग और हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था हो। उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए लोहे के डबल लॉक की दो आलमारी हों। केंद्र बनाए जाने वाले विद्यालय में चारों तरफ से चहारदीवारी और मुख्यद्वार पर लोहे का गेट अनिवार्य है। विद्यालय में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र, पानी की बाल्टियां और बालू की व्यवस्था हो। केंद्र में शुद्ध पेयजल और शौचालय की व्यवस्था हो। परीक्षा केंद्र पर जाने के लिए 10 फीट चौड़ी सड़क हो। विद्यालय में बिजली की व्यवस्था हो। विद्यालय में एक कंप्यूटर सिस्टम और कम से कम दो प्रशिक्षित ऑपरेटर होना अनिवार्य है। टीम द्वारा जांच में इन्हीं बिंदुओं को देखा जाएगा।
इस प्रकार मिलेगा विद्यालय को नंबर
विद्यालय में सुविधाओं के आधार पर इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय को 20 नंबर, केवल हाईस्कूल 10 नंबर, विद्यालय में सीसीटीवी के निगरानी में शिक्षण कार्य होने पर 10 नंबर, विद्यालय बीते वर्षों में केंद्र रहा हो तो 20 नंबर, वर्ष 2020 में हाईस्कूल परीक्षा में 90 प्रतिशत अधिक होने पर 20 नंबर। इसी प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षाफल में 90 प्रतिशत से अधिक अंक होने पर 20 नंबर जुड़ेगा। परीक्षा केंद्र के निर्धारण में यह नंबर रैंकिंग में जुड़ेगा।
क्षमता से आधे परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी 33.04 वर्ग मीटर में एक बच्चा बैठेगा। 300 बच्चों की क्षमता वाले विद्यालय में 150 बच्चे ही बैठ सकेंगे। तय मानक को नहीं पूरा करने पर कार्रवाई की जाएगी।