डुमरियागंज। रमजान माह के दूसरे जुमा पर तहसील क्षेत्र की मस्जिदों में हर्षोल्लास से नमाज अदा की गई। बड़ी संख्या में रोजेदारों ने मुल्क में आपसी भाईचारा, अमनचैन, मेल व्यवहार कायम रहने और खुशहाली की दुआएं मांगीं।
मस्जिदों में मौलाना ने रमजान और रोजे की फजीलत बयान करते कहा कि रमजान का महीना हर हालात में सब्र संयम, सहनशीलता का पैगाम देता है। साथ ही रोजे की हालत में रोजेदार गरीबों की भूख प्यास का अहसास कराता है। इस्लाम में गरीबों की हर संभव मदद और हक अधिकार दिए जाने का हुक्म है। रमजान के दूसरे जुमे पर तहसील मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद में मौलाना एहसानउल्लाह कासमी ने तथा शिया जामा मस्जिद हल्लौर में मौलाना सैयद काशिफ रजा ने, बैदौलागढ़ स्थित मस्जिद में मौलाना मकसूद अकरम, टिकरिया स्थित मस्जिद में मौलाना अब्दुल कादिर सहित बयारा, जबजऊंवा, कादीराबाद, बिथरिया, बसडिलिया, लटिया, मोतीगंज, औराताल, बेवां चौराहा, बेवां मुस्तफा, वासा मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई।
हल्लौर में नमाज के दौरान मौलाना सैयद काशिफ रजा ने कहा कि यह महीना लोगों को सब्र, संयम और सहनशीलता के साथ ही गरीब मजलूम की भूख और प्यास को महसूस कराने का भी काम करता है। उन्होंने लोगों से हमेशा नेकी भलाई के रास्ते पर चलते हुए सभी लोगों के साथ अच्छे से पेश आने की अपील की। इसी तरह डुमरियागंज जामा मस्जिद पर मौलाना एहसानुल्लाह कासमी, टिकरिया मस्जिद पर मौलाना अब्दुल कादिर तथा रसूलपुर मस्जिद पर मौलाना रियाजउद्दीन ने भी लोगों को खिताब करते हुए सच्चाई, नेकी, भलाई के रास्ते पर चलते हुए मुल्क और कौम की सलामती और खुशहाली की दुआ की। रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए।