सिद्धार्थनगर। बढ़ती हुई तपिश ने जनजीवन पर बुरा असर डाला है। ऐसे में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। अगर पानी पीने में कमी हुई या फिर लापरवाही किए तो इसका सीधा असर किडनी पर जाएगा, जो गंभीर समस्या उत्पन्न कर देगा।
वहीं, किडनी के रोगियों को भी बहुत एहतियात बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी में पसीना अधिक निकलता है। पानी नियमित पीते रहें, इसमें लापरवाही की तो समस्या बढ़ सकती है।
गर्मी पड़ने लगी है, ऐसे में हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत है क्योंकि पानी का संबंध गुर्दे से है। अगर पानी की कमी हुई तो उस पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मजीबुल्लाह अंसारी का कहना है कि पानी की कमी से ब्लड प्रेशर कम और अधिक होता है। जिसका असर सीधे किडनी पर पड़ता है। क्योंकि, इन्हें पानी की बेहद जरूरत है। किडनी रोगी किस प्रकार बढ़ रहे हैं।
इसका इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का डायलिसिस यूनिट है, जहां प्रतिदिन 60 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है।