सिद्धार्थनगर। मनरेगा से इंटरलॉकिंग व पुलिया निर्माण में अनियमिता मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के चार सेवानिवृत्त अधिकारियों से वसूली होगी। वर्ष 2016 में मिली स्वीकृति और 2019 में हुए निर्माण कार्य में अनियमिता पाए जाने पर यह कार्रवाई हुई है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से कराए गए कार्यों की शिकायत की जांच में अनियमिता की पुष्टि होने पर डीएम पवन अग्रवाल ने शासन को पत्र भेज कार्रवाई की है।
उसका ब्लॉक में उसको सोहांस मार्ग से चिट्टे यादव के घर तक मनरेगा से 20.26 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर इंटरलॉकिंग और दो मीटर पुलिया निर्माण होना था। वहीं, सात लाख रुपये की लागत से बर्डपुर ब्लॉक में बर्डपुर भिटौली मार्ग पर दो मीटर स्पान की आरसीसी पुलिया का भी निर्माण होना था।
आरटीआई कार्यकर्ता देवेशमणि त्रिपाठी के निर्माण कार्य में अनियमिता की शिकायत की जांच करने वाली त्रिस्तरीय समिति की रिपोर्ट पीडी ने डीएम को भेजी थी। जांच में पाया गया कि उसका क्षेत्र में इंटरलॉकिंग एवं पुलिया निर्माण कार्य पर 18 लाख रुपये का भुगतान हुआ था, इसमें चार लाख रुपये अधिक व्यय करना पाया गया।
वहीं, बर्डपुर ब्लॉक में पुलिया निर्माण पर 6.94 लाख रुपये भुगतान हुआ, जिसमें 3.50 लाख रुपये अधिक व्यय करना पाया गया। यहां दो मीटर स्पान पुलिया की जगह मात्र एक मीटर पुलिया बनाई गई थी। जांच में अनियमिता पाए जाने पर डीएम ने शासन को पत्र भेज संबंधित अधिकारियों से व्यय की गई सरकारी धनराशि की वसूली की कार्रवाई शुरू की है।
दो रिटायर अधिशासी अभियंताओं से होगी वसूली
दोनों निर्माण कार्य में अनियमिता के मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सेवानिवृत्त जेई दिलीप कुमार सिंह से दो लाख रुपये व एई प्रदीप कुमार गुप्ता से 1,31,250 रुपये वसूली होगी। साथ ही सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता रउफ अहमद से 56,250 रुपये व शिवशंकर से 1,87,500 रुपये वसूली होगी। मामले में विभाग के जेई स्व. फूलदेव यादव पर 1,75,000 रुपये रिकवरी बनी थी, लेकिन उनकी मौत हो गई।
जांच में अनियमिता की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारियों से सरकारी धनराशि की वसूली के संबंध में शासन को पत्र भेजा गया था, जहां से कार्रवाई की गई है। अनियमिता के अन्य मामलों में भी दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पवन अग्रवाल, डीएम