सिद्धार्थनगर। चीन में वायरस के कारण बच्चे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। इस बीमारी के दौरान बच्चों के फेफड़े में जलन, तेज बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसको देखते हुए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक एच-9 एन-2 वायरस से निपटने के लिए तैयारी तेज कर दी गई है। यहीं कारण है कि कोरोना काल में जान बचाने के लिए खरीदे गए उपकरणों को अपडेट किया जा रहा है। चीन में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की दस्तक को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। बच्चों के निमोनिया के इलाज में उपयोगी मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू और सीएचसी बेवा और मिठवल के मिनी पीआईसीयू में सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं, जबकि अन्य अस्पतालों में भी आक्सीजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अस्पताल में मौजूद संसाधन को अपडेट करने के साथ ही बेड और ऑक्सीजन की जांच लेने के लिए कहा गया है। साथ ही निमोनिया और सांस की दिक्कत से परेशान होने वाले मरीजों की मॉनिटरिंग करने के साथ ही उनका डाटा तैयार किया जा रहा है। गंभीर स्थित होने पर कोरोना की तरह से सैंपल लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजा जाएगा।
चीन के लियाओनिंग प्रांत के बच्चों में तेजी से सांस, फेफड़े में जलन के साथ ही सांस लेने में तकलीफ की शिकायत है। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के सचिव रंजन कुमार ने दिशा-निर्देश जारी किया है। व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने के साथ ही बीमारी से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
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इन संसाधनों के अपडेट का दिया निर्देश
कोरोना कॉल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट,ऑक्सीजन कंसरटे्रटर, लगाए गए वेंटीलेटर, पीआईसीयू वार्ड और बेड आरक्षित कर लिया जाए। मशीनों की मॉकड्रील करके देख लिया जाए और कोई गड़बड़ी हो तो उसे सही कर लिया जाए। ऐसे में अगर संकट आए तो उससे आसानी से निपटा जा सके।
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मरीजोंं की होगी मॉनिटरिंग, तैयार किया जाएगा डाटा
सांस संबंधित बच्चों और अन्य उम्र के लोगों की अब मॉनिटरिंग शुरू हो जाएगी। हर मरीज की हिस्ट्री को देखा जाएगा। उसका पूरा डाटा अपडेट किया जाएगा। साथ ही अगर कोई गंभीर रूप से बीमार होता है तो कोरोना की तरह से जांच किया जाएगा। हालांकि देश में अभी तक कोई संक्रमित नहीं मिला है। ऐसा स्वास्थ्य के जिम्मेदारों का कहना है।
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बोले जिम्मेदार
ऑक्सीजन प्लांट का मॉकड्रिल करके देखा गया है। सब कुछ सही पाया है। दिशा-निर्देश के अनुसार विभाग अलर्ट है।
-डॉ. नरेंद्र कुमार बाजपेयी, सीएमओ