संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत के टीकर व करौता टोले के बीच बह रही घोरही नदी पर बने पुल का पूर्वी-उत्तरी छोर पिछले साल आई बाढ़ में नदी की कटान से कटने के कगार पर पहुंच गया है।
कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने बाढ़ से स्थायी उपाय की बातें कहीं, लेकिन सभी कागज पर सिमट कर रह गईं। इसी का नतीजा है कि अगर इस बार बाढ़ में घोरही नदी पर बने पुल व सड़क को बचा पाना मुश्किल होगा, जिससे बाढ़ के दौरान क्षेत्र में तबाही मच सकती है।
बढ़नी ब्लाॅक के दक्षिणी छोर पर बसा खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत लगभग हर वर्ष बाढ़ की चपेट में रहता है। ग्राम पंचायत में खैरी, टीकर, करौता, चिरहगना, नकोलेडीह, शिवदुलारेडीह, मुरव्वनडीह व पन्नापुर कुल आठ टोले हैं। ग्राम पंचायत में घोरही व बूढ़ी राप्ती नदी बहती है। अक्टूबर 2022 में ग्राम पंचायत के टीकर व करौता टोले के बीच बह रही घोरही नदी में आई बाढ़ व उसके बाद नदी की कटान से भुतहवा-पन्नापुर मार्ग आधे से अधिक कट गया था।
लगभग एक पखवाड़े तक चार पहिया वाहनों का आवागमन भी बंद था। उसके बाद पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग ने बोल्डर व पत्थर के टुकड़ों को लगाकर कटान भरा और आवागमन शुरू करवाया।
अभी एकाध दिन ही बारिश हुई है और नदी पर बने पुल के पूर्वी-उत्तरी छोर पर भुतहवा-पन्नापुर मार्ग पर लगभग से सात से आठ से अधिक गैप हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक अगर तेज बारिश हुई तो सिंचाई विभाग के द्वारा लगाया गया बोल्डर पूरी तरह से कटकर नदी में समाहित हो जाएगा और तब सड़क व पुल को बचा पाना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने डीएम से सड़क के किनारे बने गैप को अतिशीघ्र भरवाने की मांग की है।